3 जुलाई 2018 से चातुर्मास का महीना शुरू होने वाला है। चातुर्मास मतलब भगवान के चार महीने के लिए आराम करने से है। देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास का आरम्भ होता है। मान्यता के अनुसार इन चार महीने तक भगवान विष्णु पाताललोक में राजा बली के यहां निवास करते हैं। इसके बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को वापस लौटते है। हिन्दू धर्म में इन 4 महीनों क काफी महत्व होता है।
भगवान के आराम करने से बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार इन 4 महीनो में पूजा-पाठ ज्यादा करने को कहा गया है। चातुर्मास का महीना सेहत के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण होता है।
इन दिनों तेल, दही के साथ चावल, गुड़, मूली, बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। चतुर्मास में भगवान क्षीर सागर में आराम करते हैं और माता लक्ष्मी उनकी लगातार सेवा करती हैं। ऐसे में माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करना चाहिए।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए विश्राम करने के लिए क्षीर सागर चले जाते हैं। इन 4 महीनों के दौरान शुभ कार्य जैसे विवाह,उपनयन संस्कार, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य थम जाते है। 4 महीने की निद्रा पूरी करने के बाद देवोत्थान यानी देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु अपनी निद्रा का त्याग करते हैं और फिर से सृष्टि का संचालन अपने हाथों में ले लेते हैं।