ज्योतिष में गुरु सबसे शुभफलदायी ग्रह माने जाते हैं। गुरु संतान, धन और ज्ञान के कारक माने गये हैं। जन्मकुंडली में द्वितीय, पंचम, नवम तथा एकादश भाव के कारक होते हैं। लगभग 12 वर्षों बाद पुनः 05 नवंबर की प्रातः 05 बजकर 17 मिनट पर अपनी राशि धनु में प्रवेश कर रहे हैं। 29 मार्च 2020 तक इसी राशि में स्थित रहेगा। जिस व्यक्ति के कुंडली में गुरु अच्छी स्थिति में रहता है तो वह उस व्यक्ति को मान- सम्मान और भाग्य को बढ़ता है। गुरु धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। यह कर्क राशि में उच्च के और मकर राशि में नीच के माने गए हैं। कुंडली में गुरु के प्रतिकूल होने पर परेशानियां आती हैं ऐसे में गुरु को प्रसन्न करने के कुछ उपाय किए जाते हैं।
बृहस्पति को अधिक प्रसन्न करने उपाय-
गुरुवार का व्रत करें, पीले वस्त्र धारण करें, गौओं की सेवा करें, झूँठ कम से कम बोलें, आम, पीपल, अनार का वृक्ष लगाएं। प्रतिदिन ॐ बृं बृहस्पतये नमः मन्त्र का 108 बार जप करें। अगर कुंडली में बृहस्पति ग्रह अनुकूल अवस्था में नहीं है तो पुखराज रत्न धारण करना चाहिए।
गुरु के धनु राशि में गोचर से सभी राशियों पर असर
मेष : भाग्य वृद्धि, विदेश यात्रा के योग, तीर्थ यात्रा और देशाटन का आनंद मिलेगा।
वृषभ : खर्च अधिक होगा। धन भाव पर भी इनकी दृष्टि के फलस्वरूप रुका हुआ धन आएगा। अचल संपत्ति का क्रय कर सकते हैं।
मिथुन : व्यापार के क्षेत्र में उन्नति के एवं नौकरी में पदोन्नति के अवसर आयेंगे।
कर्क : नौकरी में पदोन्नति अथवा नए अनुबंध की प्राप्ति के योग बनेंगे।
सिंह : शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। विदेश यात्रा के योग बनाएगी, तीर्थयात्रा का भी आनंद लेंगे ।
कन्या : मान-प्रतिष्ठा की भी वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में उन्नति के दरवाजे खोल देगी।
तुला : नौकरी में पदोन्नति अथवा नए अनुबंध की प्राप्ति होगी। व्यापार पर दृष्टि से उत्तम रहेगा।
वृश्चिक : आय के साधन बढ़ेंगे, गया हुआ धन वापस आने के संकेत।
धनु : नौकरी में पदोन्नति एवं सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। संतान संबंधी चिंता से भी मुक्ति मिलेगी
मकर : मकान वाहन के क्रय का योग बनेगा, मानसिक सुख मिलेगा।
कुंभ : दांपत्य जीवन में मधुरता कार्य व्यापार में उन्नति के योग।
मीन : उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनेंगे।