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हर नक्षत्र कुछ कहता है: जानें विशाखा से रेवती नक्षत्र में जन्मे लोगों की खासियतें

Tue, 11 Jun 2019 02:06 PM IST
विनोद शुक्ला शालिनी सिन्हा, ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञ
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ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की भूमिका
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नौ ग्रह और 27 नक्षत्र हमारे जीवन और व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं, जो हमारे जन्म के साथ ही हमारे साथ साथ चलते हैं और हमें अपने मुताबिक ढालने की कोशिश करते हैं, उनके बारे में वैदिक ज्योतिष कई आयामों से अध्ययन करता रहा है। इन अध्ययनों के मुताबिक हर नक्षत्र कुछ कहता है। आज जानते हैं कि विशाखा से रेवती नक्षत्र में जन्मे लोगों की खासियतें...
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विशाखा नक्षत्र
इसके जातक पढ़ने लिखने के काम में सबसे अव्वल रहते हैं। थोड़े आलसी तो होते हैं लेकिन दिमाग से बेहद तेज़ होते हैं। ये लोग बेहद सामाजिक होते हैं जिससे इनका सामाजिक दायरा भी बहुत बड़ा होता है। महत्वाकांक्षी होने की वजह से ये खुद की मंजिल हासिल करने के लिए दिमागी मेहनत बहुत करते हैं और तमाम दांवपेंच करना जानते हैं।

अनुराधा नक्षत्र
इस नक्षत्र के लोग अपने सिद्धांतों और आदर्शों पर जीते हैं। गुस्सा इन्हें बहुत आता है और कभी कभार गुस्से में ये बेकाबू भी हो जाते हैं जिससे इन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। ये लोग अपनी भावनाएं दबाकर नहीं रख पाते और दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं। जबान के तेज़ और कड़वे होने की वजह से इन्हें कई लोगों का विरोध भी झेलना पड़ता है। इसलिए इन्हें लोग कम पसंद करते हैं।
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ज्येष्ठा नक्षत्र
गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में होने की वजह से ज्येष्ठा भी अशुभ नक्षत्र ही माना जाता है। इसमें जन्म लेने वाले लोग तुनकमिजाज होते हैं और छोटी-छोटी बातों पर लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। खुली मानसिकता वाले ये लोग सीमाओं में बंधकर अपना जीवन नहीं जी पाते। लेकिन व्यावहारिक जीवन में इन्हें काफी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।

मूल नक्षत्र
यह नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी का सबसे अशुभ नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को खुद तो परेशानियों का सामना करना ही पड़ता हैस इसका खामियाजा उसके परिवार वाले भी भुगतते हैं। हालांकि ये लोग बेहद बुद्धिमान और धैर्य वाले होते हैं। दोस्तों और रिश्तों के प्रति इनकी वफादारी भी बेमिसाल होती है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में ये कभी पीछे नहीं रहते।

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
अगर आप इस नक्षत्र में जन्मे हैं तो आपके व्यक्तित्व में ईमानदारी जरूर होगी। आप खुशमिजाज होंगे, कला-संस्कृति और साहित्य में आपकी दिलचस्पी होगी। रंगमंच से आपका लगाव होगा। आपके दोस्त खूब होंगे और आप दोस्ती निभाना जानते होंगे। आपका पारिवारिक और दांपत्य जीवन खुशहाल होगा और बेशक आप मृदुभाषी भी होंगे। ये सभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोगों के खासियत होती है।

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
इस नक्षत्र में पैदा होने वाले लोग कभी निराशा के शिकार नहीं होते। बेहद खुशमिजाज और आशावादी होते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों में ही इन्हें कामयाबी मिलती है। दोस्तों के लिए कुछ भी करने के लिए ये हमेशा तत्पर रहते हैं। अपने सहयोगी स्वभाव की वजह से इनका दायरा बड़ा होता है और इनके जीवन में आर्थिक दिक्कतें नहीं आतीं।

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र
इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है और इसके जातक सच्चाई और नैतिकता को ज्यादा अहमियत देते हैं। दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले ये लोग बेहद व्यवहार कुशल और मिलनसार होते हैं। ये लोग धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के तो होते ही हैं, इन्हें ज्योतिष में भी खासी दिलचस्पी होती है।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
इस नक्षत्र के लोग बेहद यथार्थवादी होते हैं और इन्हें जमीनी हकीकत पर भरोसा होता है। सपनों की दुनिया में नहीं जीते। मेहनती बहुत होते हैं और इन्हें अपने कर्म पर भरोसा होता है इसलिए ये जहां भी काम करते हैं कामयाब रहते हैं। त्याग की भावना इनमें खूब होती है और अपना नुकसान उठाकर भी  कई बार दूसरों के लिए काफी कुछ कर जाते हैं।

रेवती नक्षत्र
रेवती नक्षत्र के जातक भी बहुत ईमानदार होते हैं और किसी को धोखा नहीं दे सकते। परंपराओं और मान्यताओं में इनकी खासी आस्था होती है और उनका पालन करते हैं। हालांकि उनके व्यवहार में ये रूढ़िवादिता नजर नहीं आती और सबसे मिलकर मृदुभाषी अंदाज़ में ये अपना काम करते हैं। इनकी दिलचस्पी पढ़ने लिखने में होती है और सूझबूझ में इनका जवाब नहीं होता।
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