| दिन का चौघड़िया मुहूर्त | रात का चौघड़िया मुहूर्त | ||
| शुभ - उत्तम | 05:38 ए एम से 07:21 ए एम | अमृत - सर्वोत्तम | 07:16 पी एम से 08:34 पी एम |
| रोग - अमंगल | 07:21 ए एम से 09:03 ए एम | चर - सामान्य | 08:34 पी एम से 09:52 पी एम |
| उद्वेग - अशुभ | 09:03 ए एम से 10:45 ए एम | रोग - अमंगल | 09:52 पी एम से 11:09 पी एम |
| चर - सामान्य | 10:45 ए एम से 12:27 पी एम
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काल - हानि | 11:09 पी एम से 12:27 ए एम, जुलाई 26 |
| लाभ - उन्नति | 12:27 पी एम से 02:09 पी एम | लाभ - उन्नति | 12:27 ए एम से 01:45 ए एम, जुलाई 26 |
| अमृत - सर्वोत्तम | 02:09 पी एम से 03:51 पी एम | उद्वेग - अशुभ | 01:45 ए एम से 03:03 ए एम, जुलाई 26 |
| काल - हानि | 03:51 पी एम से 05:34 पी एम | शुभ - उत्तम | 03:03 ए एम से 04:21 ए एम, जुलाई 26 |
| शुभ - उत्तम | 05:34 पी एम से 07:16 पी एम | अमृत - सर्वोत्तम | 04:21 ए एम से 05:39 ए एम, जुलाई 26 |
चौघड़िया हिंदू पंचांग का एक विशेष अंग माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया का विधान है। इसलिए किसी भी मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने के लिए चौघड़िया का उपयोग किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में चार प्रकार की शुभ चौघड़िया होती हैं और तीन प्रकार की अशुभ चौघड़िया हैं। प्रत्येक चौघड़िया किसी न किसी कार्य के लिए निर्धारित है।