| दिन का चौघड़िया मुहूर्त | रात का चौघड़िया मुहूर्त | ||
| उद्वेग - अशुभ | 05:44 ए एम से 07:25 ए एम | शुभ - उत्तम | 07:09 पी एम से 08:29 पी एम |
| चर - सामान्य | 07:25 ए एम से 09:05 ए एम
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अमृत - सर्वोत्तम | 08:29 पी एम से 09:48 पी एम |
| लाभ - उन्नति | 09:05 ए एम से 10:46 ए एम | चर - सामान्य | 09:48 पी एम से 11:07 पी एम |
| अमृत - सर्वोत्तम | 10:46 ए एम से 12:27 पी एम | रोग - अमंगल | 11:07 पी एम से 12:27 ए एम, अगस्त 05 |
| काल - हानि | 12:27 पी एम से 02:08 पी एम | काल - हानि | 12:27 ए एम से 01:46 ए एम, अगस्त 05 |
| शुभ - उत्तम | 02:08 पी एम से 03:48 पी एम | लाभ - उन्नति | 01:46 ए एम से 03:06 ए एम, अगस्त 05 |
| रोग - अमंगल | 03:48 पी एम से 05:28 पी एम | उद्वेग - अशुभ | 03:06 ए एम से 04:25 ए एम, अगस्त 05 |
| उद्वेग - अशुभ | 05:28 पी एम से 07:09 पी एम | शुभ - उत्तम | 04:25 ए एम से 05:42 ए एम, अगस्त 05 |
चौघड़िया हिंदू पंचांग का एक विशेष अंग माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया का विधान है। इसलिए किसी भी मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने के लिए चौघड़िया का उपयोग किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में चार प्रकार की शुभ चौघड़िया होती हैं और तीन प्रकार की अशुभ चौघड़िया हैं। प्रत्येक चौघड़िया किसी न किसी कार्य के लिए निर्धारित है।