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तिल और यह निशान होता है बड़ा ही खतरनाक

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हस्तरेखा विज्ञान में हथेली और शरीर के दूसरे अंगों पर मौजूद तिल और दूसरे तरह के निशानों का फल बताया गया है।
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कुछ निशान और तिल तो शुभ फलदायी होते हैं लेकिन कुछ अशुभ माने गए हैं। यहां ऐसे तिल और दूसरे चिन्हों की बात कर रहे हैं जो शुभ नहीं होते हैं।

यहां तिल का होना खतरनाक है

समुद्रशास्त्र के अनुसार हथेली में दो स्थानों पर मंगल का प्रभाव होता है। पहला शुक्र पर्वत और गुरू पर्वत के बीच में मंगल क्षेत्र होता है इसे निम्न मंगल कहते हैं। दूसरा चन्द्र पर्वत और बुध क्षेत्र यानी छोटी उंगली से कुछ ऊपर इसे उर्ध्व मंगल कहते हैं।

मंगल दुर्घटना का कारक ग्रह माना जाता है। समुद्रशास्त्र कहता है जिस व्यक्ति की हथेली में निम्न मंगल पर तिल का निशान होता है उसे हमेशा जोखिम से बचना चाहिए। इन्हें सड़क दुर्घटना, करंट, आग लगने का भय रहता है।

ऐसे व्यक्ति जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं

समुद्रशास्त्र यह भी कहता है कि दोनों मंगल स्थान पर कहीं भी तिल का निशान होना शुभ नहीं होता है।

ऐसे में ट्रेन, बस, विमान दुर्घटना का सामना करना पड़ता है। निम्न मंगल स्थान पर क्रॉस का चिन्ह होने पर रक्त संबंधी रोग देता है। ऐसे व्यक्ति जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं।

यहां तिल मानसिक परेशानी देता है

जिस व्यक्ति की हथेली में मंगल पर्वत पर शून्य का निशान बना होता है उन्हें घाव के कारण कष्ट का सामना करना पड़ता है। निम्न मंगल पर चंद्र का निशान मानसिक परेशानी देता है। ऐसा व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ भी हो सकता है।
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अगर ऐसा है निशान तो ठीक नहीं

समुद्रशास्त्र के अनुसार मंगल पर्वत पर काला धब्बा होना असाध्य रोग होने का संकेत माना जाता है। जबकि मंगल पर लाल रंग का धब्बा होने पर व्यक्ति बुखार से पीड़ित होकर कष्ट पाता है। मंगल पर्वत पर जालीनुमा चिन्ह भी शुभ नहीं माना जाता है।
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