हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र में हथेली पर बनी रेखाओं से व्यक्ति के भाग्य, धन, स्वास्थ्य, विवाह और संतान सुख का विचार किया जाता है। हथेली पर रेखाओं के अलावा उंगलियों के नीचे बने पर्वत का विशेष महत्व होता है। हर एक उंगली के नीचे अलग-अलग पर्वत होते हैं, इन्ही में से एक पर्वत बुध होता है। बुध का संबंध बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार और तर्क क्षमता से होता है। ज्योतिष में जिन लोगों का बुध पर्वत मजबूत और शुभ होता ह उनको जीवन में हर एक तरह का सुख और प्रसिद्धि मिलती है। आइए जानते हैं हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र में हथेली पर बने बुध पर्वत से क्या-क्या संकेत मिलते हैं।
हथेली पर बुध पर्वत
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हथेली की सबसे छोटी उंगली के नीचे वाले हिस्से को बुध पर्वत कहा जाता है। बुध पर्वत के शुभ स्थिति होने पर व्यक्ति वाणी, बिजनेस और तर्क शास्त्र में माहिर होता है।
बुध पर्वत की शुभ स्थिति
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर हथेली पर बुध पर्वत उभरा हुआ हो, साफ और स्पष्ट हो तो यह शुभ और लाभकारी माना जाता है। ऐसे व्यक्ति को करियर-कारोबार में अच्छी पहचान मिलती है। ऐसे लोग अपनी बुद्धि और मेहनत के बल पर ऊंचा मुकाम हासिल करने में कामयाब होते हैं।
समाज में मिलता है यश और प्रसिद्धि
जिन लोगों की हथेली में बुध पर्वत मजबूत होता है उनको समाज में एक अलग तरह का मुकाम हासिल होता है। ऐसे लोगों में नेतृत्व क्षमता और बेहतर संवाद करने के क्षमता होती है। जिससे ये लोग बड़े से बड़े पदों पर आसीन होते हैं।
बनते हैं बड़ा बिजनेसमैन
ज्योतिष में बुध ग्रह का संबंध व्यापार से होता है। ऐसे में जिन लोगों की हथेली में बुध पर्वत विकसित होता है उनको व्यापार में अच्छी सफलता हासिल होती है। इसके अलावा ये लोग मीडिया, लेखन, शिक्षा और और संचार के क्षेत्रों में बड़ा नाम कमाते हैं।
अशुभ बुध पर्वत
अगर किसी की हथेली पर बुध पर्वत दबा हुआ, इसके ऊपर कटी-फटी कई रेखाएं हो तो इसे अशुभ माना जाता है। ऐसे स्थिति में लोग किसी भी तरह का निर्णय नहीं ले पाते हैं उनके अंदर हमेशा डर बना रहता है। करियर-कारोबार में कई तरह के उतार- चढ़ाव का सामना करना पडता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।