हस्तरेखा ज्योतिष में हथेली पर बनी रेखाओं और निशानों के गहन अध्ययन से व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व और आर्थिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती है। हथेली पर बनी हर एक रेखा का अपना विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं हथेली पर बनी अलग-अलग आकृति से जीवन के किन पहलुओं के बारे में जानकारी मिलती हैं।
त्रिकोण का निशान
हथेली पर कई जगहों पर त्रिभुज का निशान बना हुआ होता है, जिसका अलग-अलग मतलब होता है। अगर हथेली पर जीवन रेखा और भाग्य रेखा के बीच में त्रिभुज का निशान बना हुआ हो तो व्यक्ति को यश और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। वहीं अगर यही त्रिभुज का निशान बना हुआ होता है व्यक्ति का जीवन भोग-विलास और ऐशोआराम में बीतता है। वहीं मंगल पर्वत के ऊपर त्रिभुज का निशान बनने पर व्यक्ति बहुत ही साहसी और पराक्रमी होता है।
मछली का निशान
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की हथेली पर मछली का निशान बना हुआ होता है ऐसा व्यक्ति बहुत ही धनवान होता है। ऐसे व्यक्ति के पास धन-दौलत की कोई भी कमी नहीं होती है। जिन लोगों की हथेली पर मछली का निशान बना हुआ होता वह बहुत ही खास होता है। ऐसे लोगों को भाग्य का भरपूर साथ मिलता है।
जाल का निशान
कई लोगों की हथेली पर जालनुमा निशान बना हुआ होता है उनका जीवन बहुत ही संघर्षों से भरा हुआ होता है। लेकिन ऐसे लोगों का करियर राजनीति में विशेष रूप से चमकता है।
स्टार का निशान
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हथेली पर तारा का निशान बना हुआ होता है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे लोगों को भाग्य का भरपूर साथ मिलता है। लेकिन वहीं अगर यही स्टार का निशान दोनों ही हथेली पर बना हुआ हो तो उसे बहुत ही अशुभ माना जाता है। हथेली पर स्टार का निशान बनने पर व्यक्ति के पास अकूत धन-दौलत की प्राप्ति होती है। इस तरह के लोगों को सभी तरह के भौतिक सुख-सुविधाओ का सुख प्राप्त होता है।
वृत का निशान
कई लोगों की हथेली पर वृत के आकार का निशान बना हुआ होता है। जिसे बहुत ही अच्छा और शुभ माना जाता है। जिन लोगों की हथेली के रिंग फिंगर के नीचे वृत बना हुआ होता है वे सरकारी नौकरी में जाते हैं। इन लोगों का समाज में ऊंचा नाम और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। वही अगर यही वृत का निशान मध्यमा उंगली के नीचे बना हुआ हो तो व्यक्ति को अचानक धन लाभ होता है। ऐसे लोग बहुत ही भाग्यशाली होते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।