अंक 12 और 6 एक अद्भुत संयोग या भाग्य का संकेत
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अंक 1206 एक अद्भुत संयोग या भाग्य का संकेत
विजय रुपाणी का नाता इन अंकों से केवल संयोग नहीं, बल्कि इसका महत्व रहस्यमयी रहा। उदहारण के तौर पर-
- उनके सभी पर्सनल वाहनों का नंबर 1206 था।
- उन्होंने जो पहला वाहन खरीदा, उसका नंबर भी 1206 था।
- मोबाइल नंबर का अंतिम भाग भी 1206 ही था।
- वर्षों तक उन्होंने जब भी कोई नया वाहन लिया, कोशिश यही रही कि उसका नंबर भी 1206 हो।
- आप कह सकते हैं कि यह संख्याएं उनके लिए भाग्यशाली रही हों या उनकी पसंद हो।
- लेकिन सबसे गहरा और चौंकाने वाला संयोग तब सामने आया जब उनका निधन भी 12 जून यानी 12 .06 को हुआ।
अंतिम यात्रा और सीट नंबर 12
12 जून को अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में एअर इंडिया के विमान हादसे में जब उनका निधन हुआ तो एक और संयोग ने सबको चौंका दिया। वह विमान में सीट नंबर 12 पर सवार थे। क्या यह महज संयोग था या फिर कुछ ऐसा जो विधि ने अपने विधान में पहले ही निर्धारित कर रखा था? जन्म से लेकर व्यापार, राजनीति से लेकर निजी जीवन तक अंक 1206 उनके जीवन में विद्यमान रहे। और उनके जीवन की अंतिम घड़ी में भी यही अंक उपस्थित रहा।
विजय रुपाणी का निधन गुजरात की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विजय रुपाणी का जीवन यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि अंक केवल गणना नहीं, बल्कि जीवन की नियति भी हो सकते हैं। हमारी पहचान, हमारी सफलताएं और हमारी नियति कुछ विशेष अंकों से जुड़ी हो सकती हैं ।