पितृपक्ष के समाप्त होते ही शारदीय नवरात्रि आरम्भ हो जाएंगे। 29 सितंबर, रविवार को आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना की जाएगी। कलश स्थापना के साथ ही नौ दिनों तक देवी दुर्गा की उपासना और पूजा पाठ विधिवत रूप होगी। 7 अक्टूबर को महानवमी और 8 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक इस बार शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों में 6 दिन विशेष योग बनेंगे। जिसकी वजह से नवरात्रि की पूजा काफी शुभ और फलदायी होगी। 2 दिन अमृतसिद्धि, 2 दिन सर्वार्थ सिद्धि और 2 दिन रवि योग बनेंगे।