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शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, पांच ग्रह एक ही राशि में और 9 दिन कई शुभ योग

Sat, 28 Sep 2019 03:41 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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navratri 2019
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देवी उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि रविवार, 29 सितंबर से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में माता के नौ रूपों की पूजा होती है। ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से इस बार शारदीय नवरात्रि में पांच बड़े ग्रहों की युति कन्या राशि में बनेगी। इसके अलावा 12 साल के बाद नवरात्रि में गुरु वृश्चिक राशि में रहेगा।
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नवरात्रि में पांच ग्रह कन्या राशि में 
29 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा का योग बन रहा है। इसके अलावा 12 साल के बाद गुरु नवरात्रि के शुरुआत में वृश्चिक राशि में रहेगा और शनि-केतु की युति धनु राशि में होगी। ज्योतिष नजरिए से ग्रहों का ऐसा संयोग इस नवरात्रि विशेष फलदायी रहने वाली होगी। 
 
कलश स्थापना शुभ योग
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग में होगी। इन दोनों योग में नए कार्यो को शुरू करने में सफलता जरूर मिलती है।

9 दिन 9 संयोग
पहला संयोग- कलश स्थापना का शुभ संयोग
29 सितंबर को सुबह कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्रि आरम्भ हो जाएंगे। इस बार कलश स्थापना के दिन सर्वाथ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और द्विपुष्कर नामक शुभ योग बनेगा। ये तीनों योग ज्योतिष में बहुत ही शुभ फलदायी माने जाते हैं।
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दूसरा संयोग- तिथियों में क्षय नहीं
कई बार तिथियों के क्षय होने के कारण नवरात्रि के दिन कम हो जाते हैं लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं है। इस बार पूरे नौ दिनों तक नवरात्रि है। ऐसा संयोग बहुत की कम होता है। लगातार 9 दिनों तक देवी की आराधना के बाद 10वें दिन देवी विसर्जन किया जाएगा।  


तीसरा संयोग- नवरात्रि का पहला दिन और शुक्र ग्रह का उदय
इस बार शारदीय नवरात्रि के पहले ही दिन सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य प्रदान करने वाले ग्रह शुक्र ग्रह का उदय होगा। शुक्र के उदय और कलश स्थापना का शुभ संयोग सभी भक्तों के लिए सुख और समृद्धि का कारक रहेगा।

चौथा संयोग-नवरात्रि में वार का संयोग
 इस बार शारदीय नवरात्रि में दो सोमवार और दो रविवार पड़ेंगे। नवरात्रि का आरंभ रविवार को और अष्टमी रविवार के दिन होगी। जबकि दो सोवार को ब्रह्राचारिणी और सिद्धियात्री माता की पूजा होगी।

पांचवा संयोग-हस्त नक्षत्र का संयोग
जिस दिन नवरात्रि का पहला दिन रहेगा जिसमें कलश स्थापना होगी उस दिन नक्षत्र रहेगा। हस्त नक्षत्र में पूजा करना या किसी नए काम की शुरुआत करना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है।
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छठा संयोग- नवरात्रि में दो अमृत सिद्धि योग
इस बार शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन और चौथे दिन अमृत सिद्धि योग रहेगा। ज्योतिष में अमृत सिद्धि को बहुत ही शुभ माना गया है।

सातवां संयोग-तीन दिन रवि योग
इस बार नवरात्रि में तीन दिन रवि योग रहेगा। 1,4 और 5 अक्टूबर को रवि योग पर देवी की उपासना की जाएगी।

आठवां संयोग- चार सर्वार्थ सिद्धि योग 
इस शारदीय नवरात्रि चार सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे। 29 सितंबर, 2, 6 और 7 अक्टूबर को यह शुभ योग बना है।

नौवां संयोग- दशहरे पर रवि योग
9वां शुभ योग दशहरे के दिन बन रहा है, जिसमें रवि योग के शुभ योग में दशहरा मनाया जाएगा।

 
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