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Narak Chaturdashi 2022: छोटी दिवाली पर घर के बड़े अगर करेंगे ये उपाय, तो टल सकती है अकाल मृत्यु

Sun, 23 Oct 2022 01:11 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदू धर्म में नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है। इसको लेकर एक मान्यता यह भी है कि श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था। चतुर्दशी तिथि पर नरकासुर का वध होने के कारण इस दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है।
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Narak Chaturdashi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Narak Chaturdashi Upay 2022: कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस पर्व को रूप चौदस, रूप चतुर्दशी, छोटी दिवाली और काली चौदस के रूप में भी जाना जाता है। इस साल नरक चतुर्दशी का पर्व 23 अक्टूबर यानि आज मनाया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाला दिवाली का यह पर्व धनतेरस से आरंभ होता है और भाई दूज पर समाप्त होता है। इस बार नरक चतुर्दशी कुछ लोग 23 और कुछ 24 को ही मना रहे हैं। हिंदू धर्म में नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है। इसको लेकर एक मान्यता यह भी है कि श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था। चतुर्दशी तिथि पर नरकासुर का वध होने के कारण इस दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। ज्योतिषशास्त्र में नरक चतुर्दशी से जुड़े बहुत से उपाय हैं। इसमें से एक उपाय घर के बड़े बुजुर्गों से जुड़ा हुआ है। यदि घर का कोई बड़ा सदस्य यह उपाय करे तो कहते हैं घर से अकाल मृत्यु तक का खतरा टल जाता है। आइए जानते हैं क्या है वो उपाय। 

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नरक चतुर्दशी पर करें ये उपाय 
  • नरक चतुर्दशी के दिन घर के मुख्यद्वार पर यम के नाम का दीप जलाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यम दीपक को परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला को जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर के सभी बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों की अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है। 
  • यम दीप के अतिरिक्त घर के बुजुर्गों को घर में एक चौमुखी दीपक भी जलाना चाहिए। इसे जलाने के बाद घर के हर कोने में इसे घुमाते हुए हर संकट से मुक्ति की प्रार्थना करें। इसके बाद इस दीपक को घर से कहीं दूर स्थान पर जाकर रख आएं।यदि आप् यह उपाय करते हैं तो घर से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। 
यमदीप जलाते समय ध्यान रखें ये बातें
  • नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के दिन गोधूलि बेला में यम दीपक को घर के बड़े सदस्य को जलाना चाहिए। 
  • जब यह दीप जल जाए तो इसके आसपास कोई न जाए। 
  • यम दीप जलाने के बाद घर के बच्चों या बीमार लोगों की कुशलता की प्रार्थना करनी चाहिए। 
  • जब तक दीपक विदा (समाप्त न हो) न हो, तब तक उसी स्थान पर बैठें।
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