नरक चतुर्दशी के दिन यमराज कि पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन यमराज की पूजा करने से दीर्घायु का वरदान मिलता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा करने से लंबी आयु का वरदान तो मिलता ही है। साथ ही साथ हनुमान जी के आशीर्वाद से सभी संकट भी दूर हो जाते हैं। हनुमान जी अजर अमर हैं और इस कलयुग के जाग्रत देव हैं। इस दिन हनुमान जी की पूजा से विशेष लाभ होता है और ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से काल यानि यमराज भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। आज शाम को पूजा के समय हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी इस आरती को करने से विशेष लाभ मिलता है। आइए जानते हैं, हनुमान जी की आरती...
ॐ जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा
संकट मोचन स्वामी तुम हो रणधीरा।। ॐ
पवन - पुत्र अंजनी - सुत महिमा अति भारी।
दुःख दरिद्र मिटाओ संकट सब हारी।। ॐ
बाल समय में तुमने रवि को भक्ष लियो।
देवन स्तुति किन्ही तबही छोड़ दियो।। ॐ
कपि सुग्रीव राम संग मैत्री करवाई।
बाली बली मराय कपीशाहि गद्दी दिलवाई।। ॐ
जारि लंक को ले सिय की सुधि वानर हर्षाये।
कारज कठिन सुधारे रधुवर मन भाये।। ॐ
शक्ति लगी लक्ष्मण के भारी सोच भयो।
लाय संजीवन बूटी दुःख सब दूर कियो।। ॐ
ले पाताल अहिरावण जबहि पैठि गयो।
ताहि मारि प्रभु लाये जय जयकार भयो।। ॐ
घाटे मेंहदीपुर में शोभित दर्शन अति भारी।
मंगल और शनिश्चर मेला है जारी।। ॐ
श्री बालाजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत इन्द्र हर्षित मन वांछित फल पावे।।ॐ