Makar Sankranti 2021: 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में जाकर कई अन्य ग्रहों के साथ योग बना रहे हैं
सूर्य देव की आराधना का पर्व है मकर संक्रांति
सभी नौ ग्रहों में सूर्य को राजा का पद प्राप्त है। सूर्य ऊर्जा और शक्ति के केंद्रबिंदु माने गए हैं। इन्हें जगत की आत्मा भी कहा गया है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, पिता, पद, प्रतिष्ठा और उच्च अधिकारी और नौकरी का कारक ग्रह माना गया है। सूर्य हर महीने राशि बदलते हैं। सूर्य जब मकर राशि में स्थान परिवर्तन करते हैं तब इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। सूर्य के मकर राशि में जाने को बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।
ज्योतिशास्त्र में सूर्य का महत्व
जीवन में सुख-संपत्ति और साहस को कायम रखने के लिए सूर्यदेव की कृपा पाना जरूरी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य की दशा न सिर्फ उसकी सेहत, संपत्ति एवं सुख-शांति पर असर डालती है बल्कि उसे राजा से रंक बनाने का भी माद्दा रखती है। जन्मांग में ग्रहों का राजा यदि सूर्य मजबूत अवस्था में हो, तो जातक राजा, मंत्री, सेनापति, प्रशासक, मुखिया, धर्म संदेशक आदि बनाता है। लेकिन यदि सूर्य कुंडली में निर्बल अवस्था में हो तो वह शारीरिक तथा सफलता की दृष्टि से बड़ा ही खराब परिणाम देता है।
सूर्यदेव की शुभता बढ़ाने और उनकी नाराजगी दूर करने के लिए कभी भी झूठ न बोलें। इस उपाय को करने से सूर्य से संबंधी दोष दूर हो जायेगा और उनके शुभ फल मिलने प्रारंभ हो जाएंगे। साथ ही प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' कहते हुए जल अर्पित करना चाहिए। प्रतिदिन सूर्य को जल देने के पश्चात् लाल आसन में बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके निम्न मंत्र का 108 बार जप करें
''एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।''
सूर्य के राशि परिवर्तन का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
राशि से दशम कर्म भाव में बन रहा चतुर्ग्रही योग आपके लिए बेहतरीन सफलता दिलाने वाला साबित होगा।
वृषभ राशि
मकर राशि में सूर्य का परिवर्तन आफकी राशि से भाग्य भाव में बन रहा है ऐसे में यह आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मिथुन राशि
राशि से अष्टम भाव में बन रहा चतुर्ग्रही योग अलग तरह की चुनौतियां पेश करेगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी।
कर्क राशि
राशि से सप्तम भाव में सूर्य के साथ बनने वाला चतुर्ग्रही योग कई तरह के मिले-जुले फल मिलने की संभावना है।
सिंह राशि
राशि से छठे भाव में सूर्य का गोचर कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत बन रहे हैं।
कन्या राशि
राशि से पंचम भाव में बनने वाला यह योग छात्रों के लिए कठिन चुनौती पेश करेगा।
तुला राशि
राशि से चतुर्थ भाव में बनने वाला चतुर्ग्रही योग किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना करवाएगा।
वृश्चिक राशि
राशि से पराक्रम भाव में बनने वाला यह योग आपको अदम्य साहसी और पराक्रमी बनाएगा।
धनु राशि
राशि से द्वितीय कुटुंब भाव में बनने वाला यह योग काफी मिलाजुला फल देगा।
मकर राशि
आपकी राशि में बनने वाला चतुर्ग्रही योग किसी वरदान से कम नहीं है किंतु सही समय पर सही निर्णय लेने से ही सफलताओं का ग्राफ बढ़ेगा।
कुंभ राशि
राशि से बारहवें भाव में बन रहा ये चतुर्ग्रही योग आपको अत्यधिक भागदौड़ और खर्च का सामना करवाएगा
मीन राशि
राशि से लाभ भाव में बनने वाला ये चतुर्ग्रही योग आय के साधन तो बढ़ेगा ही दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।