सूर्य- इस ग्रह को प्रसन्न करने के लिए गंगा जल और चांदी का टुकड़ा सदैव पूजा घर में रखें। इसके अलावा छोटे लाल बंदर को आप गुड़ चना अवश्य खिलाएं।
चंद्रमा - शमशान या अस्पताल में प्याऊ लगवाएं । खरगोश पालें। जलाशय में पैसा डालना है। सोमवार को सफेद कपड़े में मिश्री डालकर पानी में बहा दे।इससे चन्द्रमा शुभ होगा।
मंगल- इस ग्रह को बलवान करने के लिए सूर्य को जल में गुड़ डालकर अर्घ्य दें। पानी में रेवड़ी बहाएं। अपने घर हथियार नहीं रखें। हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें । लाल रंग का वस्त्र साथ रखे और भाई भाभी की सेवा करें।
बुध- बकरी को दान करें। रात को मूंग भिगोकर सुबह जानवर को खिलाएं। मांस का सेवन नहीं करें। अपनी बुआ का आदर करें। साबुत मूंग की दाल नहीं खाएं। गले में तांबे का सिक्का पहनें। ऐसा करने से बुध अनुकूल होगा।
गुरु - केसर का तिलक लगाएं,सोने की चेन धारण करें। सांप को दूध दे। पीले कपड़े में चने की दाल बांधकर विष्णु मंदिर में दान करें। रोज मंदिर की सफाई करें।
शुक्र - इस ग्रह को खुश करने के लिए गाय और माता की सेवा करें। सफेद पत्थर पर सफाई करने के बाद चंदन घिसें और उसे पानी में बहा दें। गुड़ नहीं खाएं। चरित्र अच्छा रखें। काली गाय को घास खिलाएं और स्त्री का अपमान नहीं करें।
शनि - बंदर पालें और उन्हें चने खिलाएं। बरगद के पेड़ की जड़ को दूध से सींचकर उस मिट्टी का तिलक करें। शनिवार के दिन काला सुरमा धरती में गाड़ दें। शनिवार को कम से कम 10 अंधों को भोजन कराएं। गणेश जी की सेवा करें।
राहु- चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें। अपने ससुराल से कोई बिजली का सामान नहीं लें। अपनी माता से बहस और विवाद नहीं करें। रसोई में बैठकर भोजन करे और अपनी आय का कुछ हिस्सा बहन पर खर्च करें।
केतु - कन्याओं की सेवा करें। केसर और चन्दन का तिलक करें। चाल चलन ठीक रखें। लगातार 4 दिन सात केले पानी में बहाएं। काले और सफेद तिल जल में प्रवाहित करें।