फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यदि कर्ज और रोग से हैं परेशान तो करें लाल किताब के ये उपाय

Fri, 08 Jan 2021 01:52 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
रोग और कर्ज मुक्ति के लिए लाल किताब के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pinterst
विज्ञापन

रोग और कर्ज में दो ऐसी अवस्थाएं जो किसी भी व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा परेशान कर देती हैं। लाल किताब में जीवन में आने वाली परेशानियों के अनेक उपाय बताए गए हैं। जिनको प्रयोग में लाकर आप अपनी हर समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। यदि आपके घर में कोई व्यक्ति अधिक समय से बीमार चल रहा है और बहुत उपचार करने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। आपके ऊपर बहुत कर्ज का बोझ है जिसकी वजह से आपकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर होती जा रही है और इन समस्याओं से निजात पाने के लिए आपको कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है तो आप लाल किताब में दिए गए उपाय को आजमा सकते हैं। ये उपाय बहुत ही कारगर मानें गए हैं। तो चलिए जानते हैं कुछ ऐसे ही अचूक उपायों के बारे में।

विज्ञापन

 
ऋण से मुक्ति का उपाय
 
यदि आपके ऊपर बहुत अधिक कर्ज हो गया है और बहुत प्रयास करने पर भी आपको कर्ज से मुक्ति नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से आपकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है तो आप किसी भी माह में शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार के दिन किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर सबसे पहले दूध से अभिषेक करें उसके बाद जल से अभिषेक करें तत्पश्चात शिवलिंग पर मसूर की दाल चढ़ाएं।
यह कार्य करने के बाद वहीं पर भगवान शिव के ऋण मुक्ति मंत्र का एक माला जाप करें।
 
ये है भगवान शिव का ऋण मुक्ति मंत्र
 
ॐ ऋणमुक्तेश्वर महादेवाय नम:।
 
माना जाता है कि इस मंत्र और उपाय को सच्चे हृदय और श्रद्धा से करने पर पर बहुत जल्दी ही ऋण से मुक्ति मिल जाती है। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनती है। भगवान शिव की कृपा से बिगड़ते हुए कार्य बनने लगते हैं। आपके घर में सुख समृद्धि आती है।
विज्ञापन

रोग से मुक्ति पाने के लिए करें ये उपाय
 
अगर आपके घर में कोई सदस्य बहुत लंबे समय से किसी रोग से ग्रस्त है और बहुत इलाज कराने के बाद भी दवाओं का असर नहीं हो रहा है या फिर बार बार उसे रोग पकड़ लेते हैं तो आप ये उपाय कर सकते हैं।
'ॐ रुद्राय नमः' 
प्रतिदिन इस मंत्र का एक माला यानि 108 बार जप लगातार छह माह तक करते रहे। इस तरह से यदि आप नियम पूर्वक मंत्र जाप कर लेते हैं तो इस अवधि में यह मंत्र सिद्ध हो जाता है।

मंत्र के सिद्ध हो जाने के बाद यदि आप इस मंत्र से जल को अभिमंत्रित करके रोगी को पिलाते हैं तो उस पर दवाओं का प्रभाव होने लगता है और वह जल्दी ही स्वस्थ होने लगता है।
 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें