सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि ये सभी दिनों के स्वामी हैं। मुहूर्त के आधार पर सप्तवारों में कौन-कौन से विशिष्ट शुभ कार्य करने चाहिए जो लाभदायक एवं सिद्धिदायक हों। संक्षिप्त रूप में उनका विवरण निम्नलिखित है -
रविवार : दिनों का राजा सूर्य है। यदि प्रजा अपने राजा के दर्शन की इच्छुक हो तो उसे अपने रक्षक, प्रिय राजा के दर्शन रविवार को करना चाहिए। हवनादि से संबंधित कार्य रविवार को करना शुभ होता है।
सोमवार : उबटन लगाना, श्रृंगार की वस्तुएं खरीदना और उनका प्रयोग आरंभ करना, फलों का रसपान, वृक्षारोपण आदि कार्य शुभ होता है।
मंगलवार : भेद नीति के कार्य सेनापति का पद - ग्रहण अथवा सेना पदग्रहण, व्यायाम प्रारम्भ करने के लिए मंगलवार का दिन शुभ है।
बुधवार : कन्या के विवाह आदि को तय करने की स्वीकारोक्ति बुधवार को शुभ मानी गयी है। कोई कभी अपना हितैषी रहा हो और अब दुश्मन बन गया हो और यदि उससे संधि करना हो, तो प्रयास बुधवार से प्रारम्भ करें। यदि रूठे को मनाना हो तो बुधवार को मनावें, शुभ फल की प्राप्ति होगी। नवीन वस्त्र धारण भी शुभ होता है।
गुरुवार : इस दिन से देवता की आराधना प्राम्भ करना, अध्ययन - अध्यापन के कार्य का शुभारम्भ, साधु—महात्मा एवं गुरुजनों से दीक्षा ग्रहण करना, सुन्दर वस्त्र, आभूषणों को खरीदना, कृषि कार्य का प्रारम्भ करना प्रशस्त माना गया है।
शुक्रवार : शुक्रवार के दिन कन्यादान, हाथी-घोड़े का क्रय-विक्रय, नवीन परिधान धारण करना, गायन, वादन, नृत्यारम्भ करना शुभ है।
शनिवार : नगर, ग्राम में बसना, खम्बे गाड़ना, गृहप्रवेश करना, शनिवार को शुभ फल दायक होता है। किसी चीज़ की स्थापना करना भी शनिवार को शुभ होता है।