ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य की दशा न सिर्फ उसकी सेहत, संपत्ति एवं सुख-शांति पर असर डालती है बल्कि उसे राजा से रंक बनाने का भी माद्दा रखती है। 17 अक्टूबर 2018, बुधवार को सूर्य ने तुला राशि में प्रवेश किया है और 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे। सूर्य एक राशि में एक महीने तक रहते हैं।
जन्मांग में ग्रहों का राजा यदि सूर्य मजबूत अवस्था में हो, तो जातक राजा, मंत्री, सेनापति, प्रशासक, मुखिया, धर्म संदेशक आदि बनाता है। आत्मकारक सूर्य किसी भी जातक के भीतर आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उसे तमाम विषम परिस्थितियों से लोहा लेने की ताकत प्रदान करते हैं। लेकिन यदि सूर्य कुंडली में निर्बल अवस्था में हो तो वह शारीरिक तथा सफलता की दृष्टि से बड़ा ही खराब परिणाम देता है। आईये जानते हैं कि सूर्य की कृपा पाने के कारगर सनातनी उपाय —
— प्रतिदिन उगते सूर्य का दर्शन एवं उन्हें
'ॐ घृणि सूर्याय नम:' कहते हुए जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से सूर्य देवता की कृपा मिलेगी और आपको किए गए कार्य का फल न मिलने या अपयश समाप्त हो जाएगा। साथ ही आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होगा और आप सफलता के मार्ग पर बढ़ने लगेंगे।
— प्रतिदिन सूर्य को जल देने के पश्चात् लाल आसन में बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके निम्न मंत्र का 108 बार जप करें —
''एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।''
— प्रात:काल सूर्य की किरणों को लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें तथा अपने माता-पिता का सम्मान करते हुए प्रतिदिन चरण स्पर्श करें।
— घर के सामने दाहिनी तरफ श्वेतार्क यानी सफेद मदार का पेड़ लगाएं। साथ ही प्रत्येक रविवार को व्रत रखते हुए श्वेतार्क वृक्ष की पूजा करें।