भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर श्री उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। विशेष तौर पर जब शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से भारी गिरावट देखी जा रही हो। एक महत्वपूर्ण बात को समझने के लिए जब हम तत्कालीन ग्रह स्थिति को देखते हैं तो हमें कुछ ऐसा हाल नजर आता है। प्रश्न ज्योतिष के अनुसार भारत की कुंडली का वृषभ लग्न है। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार दूसरे घर से देश की अर्थव्यवस्था और पांचवे घर से शेयर बाजार देखा जाता है। इसी प्रकार से आठवें घर से देश पर आने वाली कठिनाईयां, नौवे घर से देश की आर्थिक और व्यापारिक प्रगति और दसवें घर से देश की सरकार, उच्च अधिकारी, बैंक और प्रधानमंत्री को देखा जाता है।
शनि ने फैलाई सनसनी
देश एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है, इसका अंदाज़ा तो शनि के आठवें घर के गोचर से ही पता चल रहा है। आठवे घर से शनि दसवें, दूसरे और पाचवें घर को देख रहे हैं। शनि की इस दृष्टि से ही देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में निराशावाद की स्थिति बनी हुई है। साथ ही में मंगल जो की कुम्भ राशि में विराजमान हैं, अपनी आठवीं दृष्टि से पांचवे घर को देख रहे हैं और इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। भारत की कुंडली में शनि का ही दसवे घर का स्वामी होना और उसे गोचर में देखना इस बात को इंगित करता है की आगे का समय तनावग्रस्त रहेगा।
कब बदलेंगे हालात
ज्योतिष की गणना के अनुसार 23-12-18 के बाद देश की अर्थव्यवस्था में कुछ और गंभीर बदलाव आने की आशंका है, जिन्हे अच्छा नहीं माना जा सकता और केंद्रीय सरकार को इन विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्रिय रूप से कुछ कदम उठाने पड़ेंगे। शेयर बाजार भी मंदा दिखाई पड़ता है। मोदी सरकार अपने आक्रामक और नीतिवान स्वभाव से इस परिथिति का सामना अच्छे तौर से कर पायेगी, परन्तु देश में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि संकट का दौर स्थायी नहीं रहेगा और नववर्ष २०१९ की जनवरी के अंत तक ये विपरीत परिथितियां सामान्य होने की संभावना है।