तनाव और क्रोध कई रोगों के कारण होते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं क्योंकि क्रोध में मनुष्य उचित-अनुचित का भेद भूल जाता है। चिकित्सक भी कहते हैं कि, जहां तक हो सके खुद को तनाव और क्रोध मुक्त रखने की कोशिश करें और खुश रहें। इसके लिए आप कई उपाय कर सकते हैं जैसे मेडिटेशन, योगाभ्यास इसके अलावा एक अन्य सस्ता और सरल उपाय है मोती धारण करना।
चन्द्रमा मन का कारक है जो हमारे मन में हलचल पैदा करके तनाव और क्रोध को बढ़ा देता है। चन्द्रमा का रत्न मोती है जिसमें चन्द्रमा के विपरीत प्रभाव को नियंत्रित करने की शक्ति होती है। यह शीत प्रकृति का होता है। इसे धारण करने से मानसिक उष्णता में कमी आती जिससे मन स्थिर एवं शांत होता रहता है। यही कारण है कि बहुत से ज्योतिषी चंचल स्वभाव के बच्चों को मोती धारण करे की सलाह देते हैं।
ज्योतिषशास्त्री पण्डित प्रवीण पुरोहित बताते हैं कि, मोती धारण करने के लिए कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली उपयुक्त होती है। छोटी उंगली बुध के प्रभाव में होता है। बुध बुद्घि का कारक ग्रह है और यह चन्द्रमा का मित्र है। मन और बुद्घि के बीच तालमेल होने पर ही व्यक्ति क्रोध और तनाव पर नियंत्रण रख सकता है इसलिए चन्द्रमा का रत्न मोती छोटी उंगली में धारण किया जाना चाहिए।