अगर आपको लगता है कि आपकी पत्नी बहुत खर्चीली है इसके कारण बचत नहीं कर पाते हैं तो अपनी इस सोच को मन से निकाल दीजिए और पत्नी को खुश रखने की कोशिश कीजिए। पत्नी खुश रहेगी तो खर्च के बावजूद भी बचत बढ़ेगा और घर में खुशहाली आएगी।
शास्त्रों के अनुसार जिन लोगों को छोटी-छोटी बातों पर पत्नी को ताना मारने की आदत होती है उनके घर से बरकत चली जाती है और घर में कलह का वातावरण बन जाता है। जीवनसाथी के खुश रहने से धन और बरकत बढ़ने की बात कई शास्त्रों में लिखा है।
शास्त्र कहता है कि पत्नी घर में लक्ष्मी का स्वरूप होती है। इसलिए इन्हें गृहलक्ष्मी के नाम से भी संबोधित किया जाता है। जहां गृहलक्ष्मी का अपमान होता है और स्त्री आंसू बहाती है उस घर में लक्ष्मी नहीं ठहरती है। इसके विपरीत जहां गृहलक्ष्मी की हंसी गूंजती है उस घर में लक्ष्मी टिक कर रहती है और दिन दूनी रात चौगुनी अन्न धन की वृद्घि होती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि प्रधान व्यक्ति को पत्नी और घर की स्त्रियों को हमेशा खुश रखने की कोशिश करनी चाहिए एवं उन्नति के लिए उनसे सलाह-मश्विरा लेकर काम करना चाहिए। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और प्रगति के मार्ग में आने वाली बाधा दूर हो जाती है।
पत्नी को सताने वाले व्यक्ति को शनि अपनी दशा एवं गोचर में कष्ट देते हैं और व्यक्ति आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान होता है। जिनकी कुण्डली में शनि अशुभ स्थिति में है उन्हें शनि के कुप्रभाव में कमी लाने के लिए पत्नी को प्रसन्न रखना चाहिए। कोई भी महत्वपूर्ण कार्य में पत्नी का सहयोग जरूर लेना चाहिए।
शनि महाराज वृद्घावस्था के भी स्वामी माने जाते हैं इसलिए शनि की कृपा चाहने वाले व्यक्ति पत्नी के साथ ही साथ बड़े-बुजुर्गों को भी सम्मान देना चाहिए।