हर व्यक्ति जो नौकरी करता है, यही चाहता है कि नौकरी में स्थायित्व के साथ साथ समृद्धि होती रहे। अगर आप भी नौकरी में स्थायित्व को लेकर चिंतित हैं तो यह देखिए कि आपका जन्म किस नक्षत्र में हुआ है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 27 नक्षत्रों में 12वां नक्षत्र है उत्तराफाल्गुनी।
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति की विशेषता यह है कि एक बार नौकरी मिल जाए तो लंबे समय तक कायम रहती है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग बार बार नौकरी बदलने में यकीन नहीं रखते। इनकी एक खूबी यह भी होती है कि सरकारी नौकरी एवं सरकारी क्षेत्र से जुड़े कार्यों में यह अधिक सफल होते हैं।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य हैं और इसके देवता आर्यमान हैं। इस नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में होता है जबकि अन्य तीन चरण कन्या राशि में होते हैं। इस नक्षत्र के देवता आर्यमान का गुण है कि वह नए-नए मित्र बनाने का इच्छुक होता है और मित्रों की सहायता करता है। यह गुण इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति में मौजूद होता है। ऐसे व्यक्ति उदार और महत्वाकांक्षी होते हैं।
इस नक्षत्र में पैदा हुए व्यक्ति बुद्घिमान होने के साथ ही व्यवहार कुशल भी होते हैं। हंसी-मजाक इन्हें काफी पसंद होता है। इनमें दूसरों से कुछ नया सीखने की चाहत रहती है। अपने स्वभाव की इस विशेषता के कारण यह निरंतर प्रगति की ओर आगे बढ़ते हैं। आमतौर पर यह आर्थिक रूप से संपन्न होते हैं। ऐसे लोग पारिवारिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने की कोशिश करते हैं।
इनमें एक बड़ी कमी यह होती है कि ये दूसरों पर अपना प्रभाव जताने की कोशिश करते हैं। इस कारण कई बार निकट संबंधियों एवं दोस्तों से मतभेद का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी इनका उग्र रूप भी सामने आता है, लेकिन यह तभी होता है जब अन्य उपायों से परिस्थितियों को संभाला नहीं जा सकता। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति में नेतृत्व करने की प्रबल इच्छा रहती है।