अगर आपका जन्म मीन राशि में हुआ है तो संभव है कि आपका जन्म नक्षत्र उत्तराभाद्रपद हो। इस नक्षत्र का स्थान आकाश मंडल में छब्बीसवां माना गया है। जिन लोगों का जन्म इस नक्षत्र में होता है उन पर शनि और गुरू दोनों का प्रभाव होता है क्योंकि इसका स्वामी शनि है। इस नक्षत्र के चरण मीन राशि में होते हैं जो गुरू की राशि है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिन लोगों का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह धार्मिक विचारों वाले होते हैं। इनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है, कुशल वक्ता होने के कारण समाज एवं परिवार में इन्हें आदर-सम्मान मिलता है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे व्यक्तियों को मेहनत के अनुरूप भाग्य का साथ मिलता रहता है। निकट संबंधियों एवं संतान से भी इन्हें लाभ मिलता है।
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आमतौर पर ऐसे व्यक्ति उदार और परोपकारी होते हैं। इसलिए शत्रुओं की संख्या कम होती है। लेकिन क्रोध इन्हें जल्दी आता है जो इनके व्यक्तित्व की एक बड़ी कमी है। ज्योतिषशास्त्र में इसे मोक्ष की ओर ले जाना वाला नक्षत्र भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति में स्वाभाविक रूप से मोक्ष प्राप्ति की चाहत रहती है।
दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष विषय में इनकी गहरी रूचि होती है। जिन लोगों का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह जीवनसाथी के प्रति वफादार होते हैं। आमतौर पर जन्मस्थान से दूर इन्हें विशेष प्रसिद्घि मिलती है और पूर्ण वैवाहिक सुख का आनंद लेते हैं। आमतौर पर यह स्वस्थ्य रहते हैं।
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में जन्म लेने वाली महिलाएं मध्यम कद की और इनकी आंखें बड़ी होती हैं। इनका पारिवारिक जीवन सुखमय होता है। नौकरी से ज्यादा पारिवारिक जीवन में इनकी रुचि होती है।