नवग्रहों में सबसे मंद गति
से चलने वाला शक्तिशाली ग्रह शनि इन दिनों अपनी उच्च राशि तुला में चल रहा है। शनि
के साथ 14 जनवरी से राहु भी इस राशि में आ गया है। शनि और राहु के एक साथ एक घर में
होने से विष योग बन रहा है। इस पर शनि सोमवार यानी 18 फरवरी को रात 10 बजकर 33 मिनट
पर वक्री होने जा रहा है।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि तुला
राशि में शनि का वक्री होना देश और दुनिया में प्राकृतिक आपदा ला सकता है। प्रतिकूल
मौसम की वजह से लोगों को कष्ट उठाना पड़ेगा। इस बीच किसी बड़ी दुर्घटना की भी
संभावना रहेगी। अप्रैल महीने में 13 तारीख को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने से
शनि अति वक्री हो जाएगा। 8 जुलाई को शनि मार्गी होगा। इस बीच का समय देश और दुनिया
के लिए अधिक कष्टकारी हो सकती है।
शनि का राहु के साथ वक्री होना वर्तमान
केन्द्र सरकार के लिए भी संकटकारी है। राजनीति में कोई बड़ा उलटफेर हो सकता है।
कानून व्यवस्था को चुनौतियों का सामना करना होगा। पेट्रोलियम पदार्थ की कीमतों में
लगातार तेजी आती रहेगी। महिलाओं के लिए यह समय अच्छा रहेगा। महिलाओं के हित में कोई
बड़ा फैसला आ सकता है। देश की राजनीति में इनका कद बढ़ेगा। परिश्रम और लगन से काम
करने वालों के लिए 18 फरवरी से 8 जुलाई तक का समय अच्छा रहेगा। इन्हें अपनी मेहनत
का लाभप्रद परिणाम मिलेगा।