हर व्यक्ति की यह चाहत होती है कि उसे ऐसा जीवनसाथी मिले जो उसे ढ़ेर सारा प्यार दे और उसकी भावनाओं को समझे। लेकिन ऊपरी तौर किसी को देखकर उसके स्वभाव को जानना कठिन होता है।
लेकिन अगर आप किसी की कुण्डली देखें और पाएं कि उनका जन्म शतभिषा नक्षत्र में हुआ है तो समझ लें कि यह व्यक्ति गंभीर स्वभाव का है। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि ऐसे व्यक्ति परंपराओं एवं पारिवारिक रिश्तों को निभाने वाले होते हैं।
इस नक्षत्र में जिन महिलाओं का जन्म होता है वह खूबसूरत और आकर्षक होती हैं। पति के प्रति इनका विशेष स्नेह रहता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस नक्षत्र का स्थान आकाश मंडल में 24वां है। इसके सभी चरण कुंभ राशि में होते हैं इसलिए इन पर शनि का प्रभाव होता है। नक्षत्र स्वामी राहु होने के कारण राहु के गुण भी इनमें पाए जाते हैं।
शतभिषा नक्षत्र में जिन लोगों का जन्म होता है सत्य और धर्म के प्रति निष्ठावान होते हैं। दर्शन, चिकित्सा, मनोविज्ञान एवं ज्योतिष विषयों में इनकी रूचि होती है। इन क्षेत्रों में कैरियर की तलाश करने पर इन्हें विशेष सफलता मिलती है। ऐसे व्यक्ति गुप्तचर विभाग में भी कामयाब होते हैं।
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले पुरुषों को श्वास संबंधी रोग की संभावना रहती है जबकि महिलाओं को मूत्राशय एवं गर्भाशय संबंधी रोग की आशंका रहती है। इनकी बुद्धि कुशाग्र होती है और विषयों को लंबे समय तक याद रख पाती हैं।