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मकर सक्रांति पर होगा ग्रहों का संगम बनेंगे शुभ योग

Tue, 08 Jan 2013 05:16 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
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मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी को इस वर्ष ग्रहों की स्थिति में एक साथ बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हर वर्ष की तरह मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होकर शनि के घर मकर राशि में पहुंचेग। इसके साथ ही इस दिन वृश्चिक राशि में चल रहा राहु स्थान बदलेगा और तुला राशि में प्रवेश करेगा। तुला राशि में पहले से ही शनि महाराज मौजूद हैं, इससे शनि और राहु का संयोग होगा। तुला राशि में शनि और राहु का योग 147 वर्ष के बाद हो रहा है।
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ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार तुला राशि का स्वामी शुक्र है। शनि इस राशि में उच्च का होता है। राहु और शनि के लिए शुक्र मित्र राशि है और राहु एवं शनि दोनों शुक्र को गुरू भी मानते हैं। इसलिए तुला राशि में राहु एवं शनि का संयोग शुभ फलदायी रहेगा। राहु से हमेशा सातवें घर में केतु होता है इसलिए राहु के राशि परिर्वतन के साथ वृष राशि में चल रहा केतु भी स्थान परिवर्तन करके मेष राशि में पहुंचेगा। इससे शनि राहु एवं केतु के बीच समसप्तक योग बनेगा।

ज्योतिषाचार्य चन्द्रप्रभा बताती हैं कि ग्रहों की स्थिति में फेरबदल से देश की राजनीति में उथल-पुथल मच सकती है। कुछ गठबंधन टूटेंगे तो कुछ नये समीकरण बनेंगे। दल बदल की घटना हो सकती है। बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव एवं मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है। महामारी के प्रकोप बढ़ सकते हैं। पड़ोसी देशों से तनाव बढ़ सकता। अन्तर्राष्ट्रीय मामलों में नयी समस्या आ सकती है।
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मकर संक्राति के दिन रवि योग बन रहा है। यह योग नये कार्य की शुरूआत के लिए शुभ है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार रवियोग में कई अशुभ योग के प्रभाव को दूर करने की क्षमता होती है। जो लोग मकान खरीदना चाहते हैं, वाहन अथवा नये कारोबार अथवा प्रोजेक्ट की शुरूआत करना चाहते हैं उनके लिए इस योग में कार्य आरंभ करना शुभ रहता है। 

सोमवार को मकर संक्रांति का प्रभाव
मकर संक्रांति सोमवार को होने के कारण ध्वांसी नाम की संक्रांति कहलाएगी। घनिष्ठा नक्षत्र में संक्रांति होने के कारण यह महोदरी संक्रांति भी कही जाएगी। यह संक्रांति व्यापारियों के लिए लाभप्रद रहेगी। अनैतिक कार्यों में वृद्घि हो सकती है। संक्रांति दिन में द्वितीय तृतीयांश में है, इसलिए शिक्षा, साहित्य, कला, तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए उत्तम रहेगी।
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