गुरू मेष राशि से गोचर करता हुआ 17 मई को वृष राशि में पहुंच रहा है। वृष राशि का स्वामी शुक्र है और गुरू से शुक्र की शत्रुता है। इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जो इस बात के प्रमाण हैं कि जब भी गुरू वृष राशि में पहुंचा है प्राकृतिक आपदाएं और दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं की वजह से विश्व में काफी जान-माल का नुकसान हुआ।
गुजरात में आयी तबाही
गुजरात के लोग आज भी 26 जनवरी 2001 की उस सुबह को नहीं भूले होंगे जब भूकंप की वजह से हजारों लोग की जान गयी और लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। जब गुजरात में यह घटना हुई थी उस समय भी गुरू वृष राशि में था।
पूर्वी भारत में प्रकृति का कहर
वृष राशि में गुरू के गोचर के दौरान पूर्वी भारत और बांग्लादेश में कई बार चक्रवात और बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ली। सन् 1965 में मई और जून के महीनों में आए चक्रवात ने बांग्लादेश और पूर्वी भारत में भयंकर तबाही मचायी। इसके बाद 30 नवम्बर 1988 एवं 27 अप्रैल 1989 को चक्रवात एवं तूफान ने इस क्षेत्र में कोहराम मचाया।
भारत के अलावा विश्व में कई ऐसी अनहोनी गुरू के वृष राशि में गोचर के दौरान हुई। जिनमें 13 जनवरी 2001 को अलसल्वाडोर में हुए भूकंप, 7 दिसम्बर 1988 में अर्मेनिया में हुए भूकंप, 8 फरवरी 1989 को अमेरिका में हुआ विमान हादसा, 17 अगस्त 1976 को फिलिपींस में आया भूकंप प्रमुख है।