अक्षय तृतीया पर अगर आप सोना, घर, वाहन,
जमीन अथवा कोई भी वस्तु खरीद नहीं पाये हैं तो आज का दिन आपको फिर ऐसा मौका दे रहा
है जब आप अपनी खरीदारी की चाहत को पूरा कर सकते हैं।
इसका कारण यह है कि 27
नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र जिसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है आज आकाश मंडल में
मौजद रहेगा। इस नक्षत्र का नाम है पुष्य नक्षत्र इसका स्वामी ग्रह शनि माना जाता है
जो स्थायित्व प्रदान करने वाला ग्रह है।
ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार
गुरूवार के दिन जब पुष्य नक्षत्र आता है तब बड़ा ही उत्तम योग बनता है जिसे गुरू
पुष्य योग के नाम से जाता है। यही योग आज बना हुआ है।
गुरू स्वर्ण, धन एवं
मांगलिक कार्यों के कारक हैं। इसलिए गुरू पुष्य योग में सोना, वाहन अथवा स्थायी
संपत्ति खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी धन अर्जित करते हैं
वह स्थायी रहता है।
गुरू पुष्य योग के साथ ही अमृत सिद्घि योग भी बना हुआ
है। ये दोनों ही योग बहुत ही शुभ माने जाते हैं। इन योगों में कोई भी वस्तु खरीदने
अथवा नया काम शुरू करने पर 100 प्रकार के दोषों का प्रभाव नष्ट होता है। यह योग इस
वर्ष आज के बाद 13 जून और 20 दिसम्बर को आएगा।
पुष्य नक्षत्र को एक शाप
मिला हुआ है इसलिए इस नक्षत्र में विवाह कार्य नहीं किया जाता है। पुष्य नक्षत्र
आमतौर पर शुभ होता है लेकिन शुक्रवार के दिन अथवा बुधवार के दिन यह नक्षत्र हो तब
कोई नया काम कभी नहीं करना चाहिए और न खरीदारी करनी चाहिए।
ज्योतिषियों का मानना है
कि गुरूपुष्य, रविपुष्य एवं शनि पुष्य जितना शुभ फलदायी होता है उतना ही बुध और
शुक्रवार का पुष्य हानिकारक होता है।