किसी जरूरी काम से आप घर से बाहर जा रहे हों और सामने कोई रोता हुआ व्यक्ति मिल जाए तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या होती है। आपके मन में यह प्रश्न जरूर उठता होगा कि पता नहीं अब काम बनेगा या नहीं। संयोगवश, अगर काम न बने तो घर से निकलते समय रोते हुए व्यक्ति की शक्ल जरूर याद आ जाती है कि उसे देखने की वजह से ही काम नहीं बना।
शकुनशास्त्र में ऐसा कहा गया है कि घर से बाहर निकलते समय किसी रोते हुए व्यक्ति का दिखना शुभ नहीं होता है। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण यह है कि रोता हुआ व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा क्षीण होती है और आप वह प्रयास नहीं कर पाते हैं जिससे आपको सफलता मिल सकती थी।
रास्ते में गधे का दिखना भी इसी कारण से अशुभ माना जाता है। गधा हमेशा मुंह लटकाये रहता है और अपने आस-पास नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसके विपरीत दौड़ता हुआ घोड़ा, पानी में तैरती हुई मछली का दिखना शुभ होता है क्योंकि यह ऊर्जावान होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
शकुनशास्त्र के अनुसार किसी जरूरी काम से घर से बाहर जाते समय मार्ग में पानी भरा बर्तन लेकर आती हुई स्त्री का दिखना शुभ संकेत है। श्रृंगार युक्त कन्या का दिखना भी काम के पूरा होने का सूचक माना गया है। मान्यताओं के अनुसार श्रृंगार युक्त स्त्री लक्ष्मी का प्रतीक होती है। घर से बाहर जाते समय मार्ग में संस्कारी ब्राह्मण का दिखना भी शुभ है।
शकुनशास्त्र के अनुसार राह पर जाते समय सामने से मुंह में रोटी लेकर आता हुआ कुत्ता दिखना भी कार्य में सफलता मिलने की सूचना देता है। घर से निकलते ही सामने भिखारी दिख जाए तो उसे कुछ पैसा जरूर देना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इससे शनि देव का आशीर्वाद मिलता है। गाय के बच्चे को दूध पीते देखना भी दिन को कामयाब बना देता है।