फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदू कैलेंडर: भारतवर्ष के लिए कैसा रहेगा नव संवत्सर 2077 ?

Mon, 23 Mar 2020 11:14 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य
विज्ञापन
vikram samvat 2077
विज्ञापन

25 मार्च, बुधवार से प्रमादी नामक नया विक्रम संवत्सर आरंभ हो रहा है जिसके राजा बुध एवं मंत्री चंद्र देव हैं। रूद्रबिशंति के 7वें एवं संवत्सरों में सैंतालीसवें प्रमादी नामक संवत्सर भारतवर्ष और यहां की जनता के लिए मिलाजुला फल कारक सिद्ध होगा। इस संवत्सर में फसलों की पैदावार तो अच्छी होती है किंतु समाज में प्रमाद की भी अधिकता रहती है और सांप्रदायिकबाद बढ़ता है। कहीं ना कहीं समाज में अविश्वास एवं और अस्थिरता का माहौल रहता है किंतु, देशवासियों के लिए सुखद समाचार यह है कि इस वर्ष दसाधिकारियों में सूर्य, चंद्र, बुध, बृहस्पति और शनि का

विज्ञापन

प्रभाव अधिक रहेगा जिसके फलस्वरूप देश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और न्याययिक व्यवस्था में मजबूती आएगी।

ग्रहों के राजा सूर्यदेव के पास सर्वाधिक तीन अधिकार हैं। जिनमें वर्षा के स्वामी, पुष्पों- फलों के स्वामी एवं सेनापति का भी अधिकार सूर्यदेव के पास ही है। वर्षा के स्वामी सूर्य देव के होने के परिणाम स्वरूप भारतवर्ष में वर्षा अच्छी होगी जिससे फसलों की पैदावार बहुत अच्छी होगी और कहीं ना कहीं इससे महंगाई पर नियंत्रण लगेगा। पुष्पों एवं फलों के स्वामी भी सूर्यदेव ही हैं अतः वृक्ष और खूब पौधे पुष्पित पल्लवित होते रहेंगे जिससे फलों की पर्याप्त पैदावार होगी। उससे भी सुखद समाचार यह है कि इस वर्ष के सेनापति का अधिकार भी ग्रहों के राजा सूर्य देव के पास है। जिसके परिणामस्वरूप शीर्ष नेतृत्व कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं रहेंगे और उसका पालन करवाने में पूरी शक्ति लगा देंगे। 

प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों-प्रतियोगियों के लिए भी सुखद समाचार है कि इस वर्ष सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा भारी संख्या में आवेदन दिए जाएंगे अतः आप अपनी पढ़ाई और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए पूरी ताकत लगा दें। सूर्य देव शोध एवं अन्य आविष्कारों के भी ग्रह है अतः इन्हीं के प्रभाव स्वरूप इस वर्ष अतिसंहारक परमाणु अस्त्रों एवं मिसाइलों का निर्माण एवं परीक्षण भी होगा। संसार में बड़े देश इसे प्रतियोगिता के रूप में देखेंगे और नित्य प्रति कुछ न कुछ नया निर्माण करते रहेंगे।

मंत्री चंद्रमा का प्रभाव
वर्ष के राजा बुध और मंत्री चन्द्र के कारण शीर्ष नेतृत्व अपने मंत्रियों से बड़ी ही कठोरता से काम लेगा संभतः मंत्रियों को अवकास भी न मिले ऐसा किन्तु, मंत्री चंद्रमा के ही प्रभावस्वरूप शीर्ष नेतृत्व अपने मंत्रियों की सलाह अधिक से अधिक मानेगा जिससे आपसी प्रसाशनिक तालमेल भी बढेगा। खाद्यान्य का उत्पादन जिनमें सभी प्रकार की फसलों सहित शहद एवं दुग्ध का उत्पादन बढेगा। महंगाई पर लगाम लगेगा और किसानों द्वारा किये जा रहे आत्महत्या की घटनाओं में भी कमी आएगी और जनता को महंगाई से राहत मिल सकती है। 
विज्ञापन

कोषाध्यक्ष का अधिकार बुध के पास होना व्यापारिक वर्ग के लिए सुखद संकेत तो है ही सरकारों को हो रहे राजस्व घाटे में भी कमी आएगी। विदेशी मुद्रा भण्डार में भी बढ़ोत्तरी के संकेत हैं जिससे देश में आर्थिक पक्ष और मजबूत होगा। संवत में रसों के स्वामी शनि होने से जलस्तर घटने और वर्षा के जल का संचय नहीं हो पाने के संकेत और चतुष्पदों में रोगादि वृद्धि के भी योग।

इस संवत में वृहस्पति के पास नीरसेश एवं सस्येश का अधिकार है, जिनके प्रभाव स्वरूप ठोस वस्तुओं और पीली वस्तुओं में में महंगाई बढ़ेगी, विशेषकर के हीरे जवाहरात की मांग अधिक बढ़ेगी। वृहस्पति के पास भी दो अधिकार होने के प्रभाव शुरू सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा विकास करेगी धार्मिक अनुष्ठानों में ही वृद्धि होगी लोगों का जप तप पूजा पाठ के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।समय का वास वैश्य के घर में है अतः देश का आर्थिक पक्ष तो मजबूत होगा ही व्यापारिक वर्ग के लिए भी यह अति लाभकारी सिद्ध होगा। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें