कौन से ग्रह होते हैं पति पत्नी के बीच कलह के जिम्मेदार
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Grah Gochar 2023: आज के समय में पति और पत्नी के बीच कलह आम बात हो गई है। परिवार को चलाने के लिए पति पत्नी के बीच अच्छी समझ होनी चाहिए वरना परिवार टूट जाता है। इस लेख में समझने की कोशिश करते है की ऐसा क्यों होता है। लग्नेश और सप्तम भाव से हम यह समझते है कि जातक की अपने लाइफ पार्टनर के साथ समझ कैसी होगी ? इसके अलावा अष्टक वर्ग और नवमांश से भी हम यह पता लगा सकते है कि वैवाहिक जीवन कैसा होगा।
- अगर लग्नेश सप्तम में हो या सप्तम लग्न में स्थित हो तो पति पत्नी के बीच परस्पर प्रेम रहता है। अगर लग्नेश और सप्तम के बीच दृष्टि हो या एक दूसरे की राशि में हो तो भी दोनों के बीच प्रेम रहता है। अगर लग्नेश सप्तम भाव में हो और शुक्र शुभ हो तो जातक पत्नी का भक्त होता है।
- दूसरी और सप्तम अगर लग्न में हो और गुरु शुभ तो पत्नी अपने पति को अपने हिसाब से चलाती है। इसके अलावा अगर स्त्री की कुंडली में गुरु अच्छा हो तो उसे धनी पुरुष मिलता है वहीं पुरुष की कुंडली में शुक्र अच्छा हो तो उसे अच्छी और आज्ञाकारी पत्नी मिलती है। इसके अलावा लग्नेश और सप्तमेश अगर छठे, आठवें और बारहवें भाव में हो तो पति पत्नी के बीच कलह होती है।
- अगर सप्तम भाव में शनि राहु जैसे पापी ग्रह हो तो भी जातक अपने पार्टनर से खुश नहीं रहता है। विद्वानों का मत है कि दूसरे भाव का स्वामी सप्तम में हो और सप्तम भाव का स्वामी दूसरे घर में हो तो कुटुंब का सुख नहीं मिलेगा। इसके अलावा मंगल की भी बड़ी भूमिका होती है। अगर पहले, चौथे, सप्तम और अष्टम में मंगल हो तो जातक मांगलिक होता है।
- विद्वानों का ऐसा मत है कि ये मंगल गृहस्थ सुख में कमी करता है। ऐसे जातक का या स्त्री का 28 वर्ष की उम्र से पहले विवाह नहीं होता और होता भी है तो मंगल के कारण कलह होती है। ऐसे में जातक को विवाह से पहले मंगल का उपाय करवाया जाता है। इसके अलावा सप्तम भाव में कमजोर शनि हो तो जातक का विवाह बड़ी देर से होता है।