आज दशहरा पूरे देश में बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। विजयादशमी के ही दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। रावण को बुराई का प्रतीक मानकर लोग विजयादशमी के दिन रावण के पुतले जलाते हैं। भले ही रावण एक राक्षस था लेकिन उसके अंदर तमाम तरह के कई ऐसे गुण थे जिसकी प्रशंसा भगवान राम सहित सभी देवी-देवता करते थे। रावण को कई शास्त्रों का ज्ञान था। इसलिए उसे महान पंडित की पदवी भी हासिल थी। रावण ने ज्योतिष और तंत्र विद्या में महारत हासिल कर रखी थी। रावण ने रावण संहिता की रचना की थी जिसमें उसने कई उपाय बताए थे जिसको अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपनी किस्मत को चमका सकता है।दशहरे के अवसर पर आइए जानते हैं रावण संहिता के उपाय-