खंडग्रास चंद्रग्रहण 16/17 जुलाई की रात्रि में 01:32 बजे से प्रारंभ होकर प्रात: 4:31 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण का मध्य काल 3:08 बजे होगा। भारतीय ज्योतिष के अनुसार ग्रहण में सूतक 9 घंटे पहले लग जाता है। इस कारण इस चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को शाम को 4:30 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। उस समय चंद्रमा धनु राशि में केतु और शनि के साथ विराजमान होगा। ग्रहण के समय में मिथुन राशि में सूर्य शुक्र और राहु, धनु राशि के सामने स्थित होकर के चंद्र पर दृष्टि डालेंगे। पृथ्वी और वातावरण की बात करें तो उस समय पूरी दुनिया में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग लग्न उदित होने के कारण अलग-अलग फल प्रदान हो सकता है।
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इस ग्रहण का पृथ्वी के वातावरण में कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई देगा और ना ही कोई अप्रिय घटना होती हुई दिखाई दे रही है। दिल्ली में मुख्य रूप से वातावरण में यह परिवर्तन देखने को मिल सकता है कि 17 जुलाई को या उसके बाद तेज बारिश हो सकती है। साथ ही समुद्री क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना बन रही है, लेकिन ऐसा कोई भी अप्रिय और नकारात्मक घटना इस चंद्रग्रहण से दृष्टिगोचर नहीं होता दिख रहा है।
ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन का मालिक है। काल पुरुष चक्र के अनुसार बात करें तो सूर्य को आत्मा कारक और विवेक का द्योतक, चंद्रमा को मन का द्योतक और शुक्र को चित्त का द्योतक माना गया है। इस ग्रहण में यह तीनों ग्रह एक दूसरे से दृष्ट है और एक दूसरे के आमने सामने है। यह तीनों ग्रह आपस में योग बना रहे है। इसका मुख्य रूप से यह परिणाम देखने को मिल सकता है कि संवेदनशील व्यक्ति या मनोरोगी की मनोदशा पर विशेष परिवर्तन हो सकता है। इस ग्रहण के कारण बहुत ज्यादा मानसिक रूप से संवेदनशील व्यक्तियों के अंदर इंपल्सिव इंटेंसिटी देखने को मिल सकती है। विशेषकर सिजोफ्रेनिया जैसे मानसिक रोगियो के लिए यह समय ज्यादा खराब हो सकता है।
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