हिंदू धर्म में कई तरह के व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, उसी तरह कई अलग-अलग परंपराएं और मान्यताएं भी होती हैं जिनका पालन हिंदू धर्म के अनुयायी करते हैं। ऐसी कुछ मान्यताएं नाखूनों से भी जुड़ी हुई होती हैं। अक्सर हम जब अपने परिवार के साथ समय बीताते हैं तो वहां पर दादी-नानी और बड़े बुजुर्गों से यह सुनते हैं कि सप्ताह के इन दिनों में नाखून आदि नहीं काटने चाहिए। तो आइए जानते हैं आखिरकार इन मान्यताओं के पीछे क्या वजहें होती हैं। मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को नाखुन क्यों नहीं काटना चाहिए।
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नाखूनों का ग्रहों से संबंध
ज्योतिषशास्त्र में नाखूनों का संबंध ग्रहों से भी बताया जाता है। मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन नाखून काटना वर्जित होता है। दरअसल मंगलवार का दिन मंगल देवता का होता है और मंगल ग्रह खून का प्रतिनिधित्व करता हैं, वहीं गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। देवगुरु का संबंध सदैव शुभ फल और बुद्धि का होता है। इसके अलावा शनिवार का दिन भगवान शनि का होता है और शनि का संबंध व्यक्ति के त्वजा से होता है। ऐसे में इन तीन दिनों में नाखून काटने से शरीर के साथ ग्रहों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिस कारण से व्यक्ति को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार के दिन नाखून काटने से व्यक्ति को खून से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं क्योंकि मंगल ग्रह का संबंध खून से होता है। वहीं गुरुवार को नाखून और बाल काटने से व्यक्ति के शिक्षा के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं शनिवार के दिन नाखून काटने व्यक्ति को गंभीर बीमीरियां और आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसी कारण से मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के दिन नाखून काटना वर्जित बताया गया है।