ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की विशेष भूमिका होती है। व्यक्ति के जीवन में शुभ और अशुभ घटनाओं का कारण ग्रह ही होते हैं। सप्ताह के सातों दिन का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है। ज्योतिष में गुरु ग्रह को भाग्य का कारक ग्रह माना गया है। कुंडली में अगर गुरु की स्थिति अशुभ है तमाम तरह की परेशानियां आती है। वृहस्पति के अशुभ होने पर व्यक्ति के विवाह में विलंब होता है। उसकी शिक्षा में बाधा, मान-सम्मान में हानि आदि झेलना पड़ता है। ऐसे में वृहस्पति की कृपा पाने और इनसे जुड़े दोष को दूर करने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए।
1- गुरु को पीला रंग अत्यधिक प्रिय है। यही कारण है कि उनकी पूजा में हल्दी का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है। बृहस्पति की शुभता को प्राप्त करने के लिए केले की जड़ या हल्दी की गांठ को पीले वस्त्र में गले में धारण करें।
2- कुंडली में गुरु को शुभ बनाने के लिए गुरुवार के दिन पीली दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू आदि किसी योग्य ब्राह्मण को दान करें और केले के वृक्ष पर जल चढ़ाएं।
3- गुरुवार के दिन 'ॐ भगवते वासुदेवाय नमः' मंत्र का एक माला जाप करें। पीले रंग के फल का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांटें।
4- आर्थिक कष्टों को दूर करने के लिए वृहस्पतिवार को विशेष रूप से विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें।
5- गुरुवार के दिन भगवान की पूजा के बाद हल्दी का तिलक लगाएं।