ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
हर एक व्यक्ति की यह इच्छा होती है कि उसके पास खुद का घर हो। इसके लिए वह कई तरह के प्रयत्न और मेहनत करता है। ऐसे में किसी की यह इच्छा पूरी होती है तो किसी की अधूरी रह जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली का अध्ययन करके किसी व्यक्ति के जीवन में स्वयं के घर का सपना पूरा होता है या नहीं इस बात की जानकारी मिल जाती है। आइए जानें कुंडली के कौन से योग ऐसे हैं जो आपको घर का सुख दे सकते हैं
- जिन जातकों की कुंडली में मंगल शुभ स्थिति और मजबूत भाव में रहता है उन्हें अपने घर का सुख मिलता है। मंगल ग्रह भूमि और घर का कारक माने जाते हैं।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली की चौथा भाव घर के सुख का भाव माना जाता है। ऐसे में जिन व्यक्तियों की कुंडली में चौथा भाव मजबूत होता है उसे अपने घर का सुख बहुत ही कम उम्र में मिलता है।
- ज्योतिष में सुख और ऐशोआराम का कारक शुक्र ग्रह को माना गया है। जिस किसी का शुक्र ग्रह जितना अच्छा होगा उसे उतना ही भव्य और आलीशान घर का सुख प्राप्त होता है।
- अगर किसी का मंगल नीच भाव में हो और कुंडली में राहु का दोष हो तो व्यक्ति को घर का सुख आसानी से प्राप्त नहीं होता।
उपाय
- घर के पूजा स्थल में चांदी की यंत्र रखें और प्रतिदिन उसकी पूजा करें।
- उंगली में चांदी और तांबा से बनी अंगूठी पहनें।