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ज्योतिषीय विश्लेषण:  शनि की वक्री गति से क्या कोरोना की गति भी पड़ेगी मंद?

Sat, 29 May 2021 10:59 AM IST
विनोद शुक्ला मदन गुप्ता सपाटू, ज्योतिर्विद्, चंडीगढ़

सार

शनि के वक्री होने के आसपास चंद्रग्रहण तथा अब 10 जून को कंकण सूर्यग्रहण, जेठ अमावस तथा शनैश्चर जयंती एक साथ पड़ने पर भी कोरोना की गति और कम होने की आशा है।
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11 अक्तूबर तक शनि मकर राशि में वक्री रहेंगे।
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विस्तार
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23 मई, 2021 से शनि की चाल  कुछ बदल सी गई है। ज्येातिषीय भाषा में इसे शनि की वक्री चाल कहते हैं जो पूरे 141 दिन अर्थात 11 अक्तूबर तक मकर राशि में इसी अवस्था में रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब भी कोई बड़ा ग्रह राशि परिवर्तन करता है, वक्री या मार्गी या अतिचारी होता है या किसी के साथ युति बनाता है तो विश्व में बड़े परिवर्तन होते हैं। जैसे गुरु व शनि 2019 के अंत से एक साथ रहे तो अप्रत्याशित महामारी आ गई। चंद्रग्रहण और शनि के वक्री होने से कई तरह के चक्रवातों से नुकसान हुआ। जनआंदोलनों ने जोर पकड़ा। कई अप्रत्याशित राजनीतिक परिवर्तन हुए। शनि के वक्री होने के आसपास चंद्रग्रहण तथा अब 10 जून को कंकण सूर्यग्रहण, जेठ अमावस तथा शनैश्चर जयंती एक साथ पड़ने पर भी कोरोना की गति और कम होने की आशा है।

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फिर भी जब तक शनि अपनी राशि में रहेंगे महामारी का कमोबेश प्रभाव अप्रैल 2022 तक मान कर चलना चाहिए और पूर्ण सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि गुरु के शनि की राशि में होने और उसका नक्षत्र  राहू होने के कारण वायरस बार-बार अपना भेष बदलकर हमला करेगा। बीमारियों के कुछ नए नाम उभर सकते हैं जैसे कई प्रकार के नए फंगस आ गए और वेरिएंट भी बदलते रहे। ऐलोपैथी और आयुर्वेद जो शनि के अधीन ही आते हैं, के मध्य जंग छिड़ गई।

मिथुन व तुला राशि वालों पर शनि की ढैया का प्रभाव जारी है। जबकि, धनु, मकर व कुंभ राशि शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इन मंत्रों का नियमित कम से कम 108 बार जप करने से शनि के प्रकोप में कमी आती है।शनि देव की अशुभता को दूर करने के लिए इन मंत्रों का जप करें और शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
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ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
ॐ ऐं ह्लीं श्रीशनैश्चराय नम:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:


इसके अलावा शनि संबंधी सामग्री दान करने से भी लाभ मिलता है। आज के समय में शनि की ही वस्तुएं अर्थात दवाइयां दान करने या इससे संबंधित सामग्री- मास्क, इंजैक्शन, आक्सीजन, फूड पैकेट, अक्षम का  अस्पताल का बिल चुकाना आदि भी आधुनिक दान है।

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