ज्योतिषी गणना में सभी ग्रहों में शनि को विशेष महत्व दिया जाता है। कुंडली में शनि की स्थिति जैसे दशा, महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या को देखकर व्यक्ति की भविष्यवाणी की जाती है। शनि न्यायप्रिय ग्रह हैं। जो अच्छे कर्म करता है उन्हें अच्छे फल और जो बुरे कर्म करता है उन जातकों को शनि दण्ड भी देते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। जिस कारण से शनि का गोचर काफी अहम माना जाता है। 24 जनवरी 2020 को शनि धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर गए हैं। शनि के मकर राशि में प्रवेश करते ही कुंभ, मकर और धनु राशि पर साढ़ेसाती सवार हो गई। ऐसे में मेष राशि पर इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं।
शनि गोचर 2020 का मेष राशि पर प्रभाव
मेष शनि ग्रह की नीच राशि है। साल 2020 में शनि का गोचर आपकी राशि से दसवें घर में गोचर करेगा। दशम भाव कर्म का भाव हैं और शनि भी कर्म का स्वामी हैं। इस गोचर में आपकी मेहनत और संघर्ष बहुत बढ़ जाएगा। अप्रैल तक का समय नए कार्य के लिए शुभ है।
इस समय आ सकती है काम में रुकावट
वहीं 11 मई को शनि का वक्री होना आपके लिए शुभ नहीं होगा। आपके काम में रुकावट आ सकती हैं। जिस लाभ की आशा कर रहे थे वह भी समय से नही मिल पायेगा। माता-पिता का सहयोग पूर्ण रुप से बना रहेगा और आप उनके साथ धार्मिक यात्रा के लिए जा सकते हैं।
उपाय- काले घोड़े के नाल की अंगुठी को मध्यमा अंगुली में धारण करें।