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क्या होता है खरमास और क्यों नहीं किए जाते इस दौरान कोई भी शुभ काम

Sat, 16 Mar 2019 01:29 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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खरमास 2019
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हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 मार्च से खरमास का महीना आरम्भ हो चुका है। खरमास को मलमास का महीना भी कहा जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार खरमास लग जाने पर कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। आइए जानते है ज्योतिष के अनुसार क्या होता है खरमास और इस दौरान शुभ काम क्यों नहीं किए जाते।
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क्या होता है खरमास
ज्योतिष के अनुसार जब भी सूर्य राशि का गोचर करते हुए धनु और मीन राशि में जाते हैं तब उस महीनों को मलमास या खरमास कहा जाता है। इस अवधि ज्योतिष में शुभ नहीं मानी जाती है।

खरमास की कथा
भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। एक बार उनके घोड़े  लगातार चलने और विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक गए थे। भगवान सूर्यदेव उन्हें एक तालाब के किनारे ले गये लेकिन उन्हें तभी यह भी आभास हुआ कि अगर रथ रूका तो अनर्थ हो जायेगा। तभी तालाब के किनारे दो गधे मौजूद थे।
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भगवान सूर्यदेव घोड़ों को पानी पीने व विश्राम देने के लिये छोड़ देते हैं और गधों को अपने रथ में जोड़ लेते हैं। जिसके कारण रथ की गति धीमी हो जाती है फिर भी जैसे तैसे एक मास का चक्र पूरा होता है तब तक घोड़ों को भी विश्राम मिल चुका होता है इस तरह यह क्रम चलता रहता है और हर सौर वर्ष में एक सौर मास खर मास कहलाता है।
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मलमास में वर्जित है काम
इस पूरे महीने तक विवाह, सगाई, ग्रह-प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।

वहीं दूसरी और नई चीजें जैसे नया घर, नई कार की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए।

खरमास के समय किसी से विवाद करने से बचना चाहिए और अपने गुरुओं और बड़ों का आदर करना चाहिए।
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