मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है अर्थात जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा उस तारीख का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। अगर आपका जन्म 1 से 9 तारीख के बीच हुआ है तो आपका मूलांक यही होगा। वही अगर 10 से 31 के बीच किसी तारीख को आपका जन्म हुआ है तो इन दोनों अंको का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। जैसे यदि आपकी जन्म 22 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 4 होगा।
स्वभाव
इस मूलांक से प्रभावित जातकों का जीवन निरंतर परेशानियों से घिरा रहता है। किसी भी कार्य में सफलता कठिन परिश्रम एवं संघर्ष के बाद ही प्राप्त होती है। अपने विचारों में लगातार परिवर्तन करने के कारण लक्ष्य प्राप्ति विलंब से होती है। उम्र बढऩे के साथ-साथ यश, मान एवं धन में वृद्धि होती है।
आगामी वर्ष की सफलताएं
इस वर्ष प्रारंभ में प्रयासों में निराशा होगी। सामाजिक मान सम्मान में कमी का अहसास होगा। योजनाओं में असफलता मिलेगी। आर्थिक क्षेत्र में उलझने बढेंगी। वर्ष की प्रथम तिमाही के बाद योजनाओं में सफलता मिलेगी। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति होगी। कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगी। विरोधी परास्त होंगे। मन में व्याप्त निराशा आशा में बदलेगी। सामाजिक एवं घरेलू रिश्तेनातों में मधुरता आएगी। घर में आधुनिक भौतिक सुख सुविधाओं के साधन बढ़ेंगे। रोजगारपरक परीक्षाओं में सफलता एवं इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट, गुप्तचर विभाग, केमिस्ट, पैरा मेडि़कल, एनीमेशन, इलेक्ट्रोनिक्स आदि क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसर प्राप्त होंगे। वर्ष उत्तराद्र्ध में व्यावसायिक लाभ एवं विस्तार से मन प्रसन्न रहेगा। जमा पूंजी में वृद्धि होगी। नौकरी में उन्नति का अवसर मिलेगा। विज्ञान, चिकित्सा, इलेक्ट्रोनिक्स आदि क्षेत्रों में सेवारत जातकों को अनुकूल स्थानांतरण या प्रमोशन का लाभ मिलेगा। आरोग्य सुख उत्तम रहेगा।