जल संक्षरण के लिए कुम्हारिया गांव के किसान पवन बेनीवाल ने पहल की है। पवन बेनीवाल ने 2008 में 15 एकड़ भूमि में किन्नू का बाग लगाया। जिसमें जमीन रेतीली होने के कारण सिंचाई के पानी की ज्यादा आवश्यकता होती थी। उसने बताया कि सरकार के सहयोग से उसने खेत में एक पानी की 110 फुट डिग्गी भी बनाई।
उस डिग्गी में पानी इकट्ठा करके रखता है जब भी सिंचाई की जरूरत होती है, तभी सिंचाई कर लेता है। वह सिंचाई ड्रिप सिस्टम द्वारा की जाती है, जिससे पानी व दवाई सीधे पौधों को मिल जाती है तथा पानी बेकार नहीं जाता। आस पड़ोस के किसानों को जब भी सिंचाई के पानी की जरूरत नहीं होती तो वह उन किसानों से किराए पर पानी लेकर डिग्गी भर लेता है।
इसके अलावा बारिश का पानी भी एकत्रित होता रहता है। पवन बेनीवाल ने बताया कि उसने पानी को जरूरत के हिसाब से ड्रिप सिस्टम व फव्वारा सिस्टम व टपका विधि से सिंचाई करने लगा। पवन ने बताया कि टपका विधि द्वारा सिंचाई करने से पानी बहुत कम खर्च होता है।