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कैप्सूल ट्रेनिंग कोर्स नहीं करने वाले खाद व कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द, विभाग का फरमान

Mon, 05 Aug 2019 01:57 PM IST
खुशबू गोयल निशीकांत शर्मा, अमर उजाला, कलायत(हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जिन दुकानदारों के पास कैप्सूल ट्रेनिंग कोर्स नहीं है। वे हरियाणा में खाद व कीटनाशक नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए विभाग द्वारा सभी शहरों में ट्रेनिंग दी जा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने इस विषय को लेकर खाद, बीज व कीटनाशक डीलर्स को दो-दो दिन के कैप्सूल ट्रेनिंग कोर्स की शुरुआत की। कोर्स के संयोजक डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पैदावार तो अपने चरम पर पहुंच चुकी है, उसमें बढ़ोतरी की और संभावना क्षीण है।
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यदि किसान की उत्पादन लागत में कमी लाई जाए तो किसान की आया में बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने कहा कि किसान कृषि इनपुट विक्रेताओं के संपर्क में सबसे अधिक है। अपनी हर छोटी बड़ी कृषि समस्या को लेकर वह सबसे पहले विक्रेता के पास ही जाता है। ताजा हालात में जानकारी के अभाव में विक्रेता अनाप शनाप दवाएं व खाद किसानों से उठवा कर खेतों में डलवा रहे हैं। इन बातों को ध्यान में रखने के लिए ही खाद, बीज व दवा विक्रेताओं को अपडेट करने के लिए कैप्सूल ट्रेनिंग कोर्स की शुरूआत की गई है।

अंधाधुंध कीटनाशकों के प्रयोग से बचने के लिए दी जा रही है ट्रेनिंग : विषय
विशेषज्ञ डा. रमेश वर्मा ने बताया कि खाद बीज दवा विक्र्तेता अज्ञानतावश खेतों में अंधाधुंध दवाएं डलवा कर किसान के सिर पर अनावश्यक रूप से कर्जा चढ़वा रहे हैं। डा. शर्मा ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रदेश में खाद दवा व बीज बेचने वाले हर विक्र्तेता को यह कैपसूल कोर्स करना अनिवार्य है। यदि कोई डीलर इस कोर्स को नही करता तो उसका लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। इस रिफ्रेशर कोर्स के करने पर ही आगे बिक्री करने की विभागीय अनुमति मिलेगी।
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