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आईएटीओ: भारत के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान 10 फीसदी करने का IATO का लक्ष्य, जानिए इस बारे में

सार

IATO ने 41वें वार्षिक सम्मेलन में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का योगदान 5% से बढ़ाकर 10% करने का लक्ष्य रखा है। संघ ने पर्यटन को रणनीतिक निर्यात क्षेत्र का दर्जा देने, वैश्विक विपणन, बेहतर संपर्क और तकनीक व जिम्मेदार पर्यटन पर जोर दिया।
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आईएटीओ - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) ने भारत की जीडीपी में पर्यटन का योगदान मौजूदा लगभग पांच फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। इसका एलान विशाखापत्तनम में आयोजित 41वें IATO वार्षिक सम्मेलन में किया गया। सम्मेलन की थीम “भारत: विश्व का अगला पर्यटन अवसर” थी, जिसमें 1,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। IATO ने भारत को अगले प्रमुख पर्यटन अवसर के रूप में स्थापित करने के लिए मजबूत नीतिगत समर्थन और वैश्विक विपणन पर जोर दिया है।

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IATO अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि पर्यटन समावेशी आर्थिक वृद्धि का एक मजबूत इंजन बन सकता है। यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने निरंतर और पेशेवर वैश्विक विपणन रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई। IATO ने ITB के बाद यूरोप में नमस्ते इंडिया रोडशो शुरू किया है। नवंबर में WTM के बाद भी अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान चलाने की योजना है। संघ ने इनक्रेडिबल इंडिया ब्रांड को मजबूत करने और विदेशी बाजारों में भारत की उपस्थिति बढ़ाने के लिए वित्त पोषित अभियानों की मांग की। IATO ने पर्यटन को रणनीतिक निर्यात क्षेत्र का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। संघ के अनुसार, पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने में सक्षम है।

पर्यटन के लिए तकनीक और जिम्मेदारी क्यों जरूरी?

तकनीक और जिम्मेदार पर्यटन IATO की प्रमुख प्राथमिकताओं में से हैं। संघ ने 600 से अधिक टूर ऑपरेटरों को तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग का प्रशिक्षण दिया है। इसका उद्देश्य यात्रा व्यापार को बदलते उपभोक्ता व्यवहार के अनुरूप ढालना है। सम्मेलन में IATO अपना जिम्मेदार पर्यटन मिशन औपचारिक रूप से लॉन्च कर रहा है। इसके तहत टिकाऊ पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एसओपी तैयार की गई हैं। संघ ने इंडियन स्कूल ऑफ नेचर के सहयोग से कार्बन लेखा परीक्षा भी शुरू की है।

हवाई संपर्क कैसे बढ़ाएगा पर्यटन?

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने विमानन और पर्यटन के बीच महत्वपूर्ण संबंध पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत हवाई संपर्क सीधे तौर पर देश के पर्यटन विस्तार को बढ़ाता है। भारत में हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर अब 166 हो गई है। सरकार की विस्तारित उड़ान योजना के तहत अगले दशक में 100 अतिरिक्त हवाई अड्डों के विकास के लिए 28,840 करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना है। उड़ान योजना ने हवाई यात्रा को मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों के लिए सुलभ बनाया है।

राज्यों की क्या भूमिका होगी?

मंत्री नायडू ने “एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य” के दृष्टिकोण का समर्थन किया। उन्होंने राज्यों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और बेहतर पर्यटक अनुभव के साथ प्रतिस्पर्धी पर्यटन केंद्र विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने IATO को भविष्य के सम्मेलनों में अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया। IATO ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एक निरंतर संयुक्त कार्य तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें पर्यटन सर्किट की पहचान, पैकेजिंग और परिचय यात्राएं (FAM यात्राएं) आयोजित करना शामिल है। पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुमन बिल्ला ने इनबाउंड पर्यटन के लिए सरकार और सभी हितधारकों के बीच बेहतर सहयोग को आवश्यक बताया।

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