भविष्य की योजना बनाते समय निवेशक अक्सर शेयर बाजार की उच्च वृद्धि और निश्चित आय की स्थिर प्रकृति के बीच दुविधा में रहते हैं। ऋण निवेश लंबी अवधि में लगातार प्रतिफल प्रदान करते हैं। ये इक्विटी की तुलना में बेहतर स्थिरता भी देते हैं।
सुप्रीत ने बताया कि इस दृष्टिकोण की एक खास विशेषता नेचुरल रीबैलेंसिंग है। इक्विटी और ऋण बाजार एक साथ नहीं चलते हैं। इसलिए वे प्रदर्शन में बारी-बारी से नेतृत्व करते हैं। इसे समझने के लिए 100 रुपये के शुरुआती निवेश का एक ऐतिहासिक उदाहरण देखें। आपने 50 रुपये शेयर बाजार में और 50 रुपये ऋण बाजार में लगाए। चूंकि ये दोनों परिसंपत्ति वर्ग अलग तरह से व्यवहार करते हैं, वे वर्षों में स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे को संतुलित करते हैं।
2015-16 से 2025-26 तक के ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि यह शुरुआती समान विभाजन स्वाभाविक रूप से इक्विटी में 53 फीसदी और ऋण में 47 फीसदी के औसत आवंटन के बहुत करीब रहा। इसका मतलब है कि आपका निवेश मैन्युअल रीबैलेंसिंग की आवश्यकता के बिना स्थिर रहता है। इसी ऐतिहासिक उदाहरण में, शुरुआती 100 रुपये स्वाभाविक रूप से बढ़कर कुल 257 रुपये हो गए।
एक संतुलित पोर्टफोलियो रखने से आपका पैसा समय के साथ सुरक्षित संतुलन बनाए रखते हुए काफी बढ़ सकता है। यह गतिशीलता एक संतुलित दृष्टिकोण को दीर्घकालिक धन सृजन के लिए एक स्मार्ट विकल्प बनाती है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च किया है। इसका नया फंड ऑफर 30 जून, 2026 से 14 जुलाई, 2026 तक खुला है।
एएमसी के 2.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक की हाइब्रिड परिसंपत्तियों के प्रबंधन के अनुभव से समर्थित, यह ओपन-एंडेड योजना इक्विटी और ऋण दोनों में निवेश करती है। इसमें प्रत्येक में 40-60 फीसदी का आवंटन होता है। यह बाजार की स्थितियों के अनुसार बाजार पूंजीकरण और क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निवेश करती है।