रामपुर। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा है कि सिर्फ मुस्लिम वोट की खातिर ही राजनीतिक पार्टियां राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के पद के लिए मुसलमानों का नाम उछाल रही हैं। राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के पद पर चुनाव सभी राजनीतिक पार्टियां सर्वसम्मति से कर लें तो अच्छा है। इस अहम पद पर चुनाव को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वहीं आजम खां के बाबत सवाल पूछे जाने पर चुप्पी साध ली।
इमाम बुखारी ने मंगलवार को रामपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आजादी के बाद से मुसलमानों को मुख्य धारा से अलग रखा गया है। इसके लिए मुसलमान कई बार सड़क पर भी उतरे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ है। यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान मुसलमानों ने सपा पर विश्वास जताया है। सपा सत्ता में भी आ गई है। यह नई सरकार है, हमें इस पर भरोसा रखना चाहिए। छह माह के बाद हम यह देखेंगे कि इस सरकार ने अपने कौन-कौन से वादे पूरे किए हैं? हमारी तो यही मांग है कि मुसलमानों को सरकार में हिस्सेदारी उनके वोट प्रतिशत के आधार पर दिया जाए।
शाही इमाम ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया है कि मुसलमानों को उनका वाजिब हक मिलेगा। इसके लिए हमें थोड़ा इंतजार करने को कहा गया है। हम इंतजार करेंगे। अगर सरकार मुसलमानों को उनका वाजिब हक दे देती है ठीक है,नहीं तो इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। 2014 के लोकसभा चुनाव के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में इमाम बुखारी ने कहा कि जब चुनाव आएंगे तो देखा जाएगा। इमाम बुखारी ने यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की और ना ही उनके बारे में पूछे गए किसी सवाल का जवाब दिया।