भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। ईंट-भट्ठों वालों की मांग बढ़ने से भूसे के दामों में आग लग गई है। मौजूदा समय में इलाके से रोजाना दर्जनाें ट्रक भूसा लदकर पड़ोसी जिलों में जा रहा है। गेहूं के अलावा मसूर व अरहर के भूसा भी भट्ठे वाले खरीद रहे हैं, जिससे किसानों पर आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत चरित्रार्थ हो रही है। भूसे के दाम 150 रुपए से बढ़कर 300 रुपए प्रति कुंतल हो गए हैं। पिछले साल के मुकाबले भूसे में लगभग दो गुना तेजी आई है।
सरकारी योजनाओं में किसानों को निजी नलकूप खुदवाने और बिजली कनेक्शन में छूट देने से पानी के संसाधन बढ़ गए हैं। जिससे इस क्षेत्र में सैकड़ों निजी नलकूप स्थापित हो गए। पानी मिलने से गेहूं के अलावा अन्य फसलों की पैदावार भी अच्छी होने लगी है। फसलों की पैदावार बढ़ने से भूसा भी खूब हो गया है। ईंट भट्ठो में ईंटाें को सुर्ख लाल करने के लिए भूसे का इस्तेमाल किया जाता है। इससे अव्वल दर्जे का ईंटा पककर निकलता है। इससे ईंट भट्ठे वाले भूसा खरीदने के लिए जिले के कई गांवाें में डेरा डाले है और रोजाना दर्जनों ट्रक भूसा भरकर ले जा रहे है। पिछले साल भूसे के भाव 125 से 150 रुपए प्रति कुंतल के बीच भाव चल रहे थे। जो चालू सीजन में 250 से 300 रुपए कुंतल हो गए हैं।
टेढ़ा के किसान गोपीश्याम द्विवेदी ने बताया कि गेहूं का बुआई क्षेत्र बढ़ जाने से भूसा भी अधिक हो रहा है। घराें में रखने के लिए जगह की कमी है। किसान खेतों से ही भूसे को बेच रहा है। खेत से ही भूसा बिक जाने से किसानों को अच्छा खासा लाभ मिल जा रहा है।