मुस्करा (हमीरपुर)। जलसंस्थान के कर्मचारियों की उदासीनता से इमिलिया गांव में 15 दिन से पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। पानी की टंकी को भरने के बजाए सीधे पाइप से जोड़कर आपूर्ति करने से ऊंचाई के क्षेत्रों में पानी नही पहुुंच रहा है। इस मामले की शिकायत ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर मौदहा में की है।
ग्रामीण पेयजल समूह के तहत करीब 15 वर्ष पूर्व पानी की टंकी बनवाई गई थी। टंकी को भरने के लिए दो नलकूप लगाए गए थे। नलकूप संख्या 1 में जलसंस्थान का कर्मचारी रज्जू व नलकूप संख्या 2 में संविदा कर्मी नरेंद्र तैनात है। यह दोनों कर्मचारियों की मनमानी से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। ये 15 साल से यहीं पर जमे हैं। गां प्रधान राजकुमार दाऊ, पूर्व प्रधान जुगुल किशोर यादव, गल्ला व्यापार संघ के नगर अध्यक्ष भवानीदीन गुप्ता, लोकतंत्र सेनानी मदन मोहन राजपूत, समाजसेवी पंकज सिंह राजपूत का कहना है कि दोनों आपरेटर टंकी भरने में आनाकानी करते है। नलकूपों को सीधे पाइप लाइन में डालकर चालू किया जाता है। जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्र के लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिलता है। पेयजल संकट की शिकायत मंगलवार को मौदहा में आयोजित तहसील दिवस में की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां तैनात अवर अभियंता एमपी सिंह कभी भी निरीक्षण नहीं करते हैं। वह मौदहा कसबे में ही आवास बनाकर रह रहे है। उधर अवर अभियंता का कहना है कि वह क्षेत्र का बराबर भ्रमण कर पेयजल समूहों का निरीक्षण करते है और आपरेटरों को समय से आपूर्ति करने के निर्देश दे रखे हैं। कोई आपरेटर लापरवाही करता मिला तो उस पर कार्रवाई की जाती है।