हमीरपुर। पावर कारपोरेशन के मनमाने रवैए से एक उपभोक्ता के पीडी फाइनल बिल जमा करने के बाद भी 2.56 लाख रुपए की आरसी जारी हो गई है। राजस्व वसूली अमीन के पहुंचने पर उपभोक्ता परेशान हो गया और डीएम से न्याय की गुहार लगाई।
सुमेरपुर के आदेश कुमार गुप्ता ने पावर कनेक्शन ले रखा था। लेकिन 3 सितंबर 1998 को उपभोक्ता ने कनेक्शन को खत्म कराने के लिए निहित शुल्क 300 रुपए जमा कर आवेदन किया था। इसके चलते उसका कनेक्शन काट दिया गया लेकिन इसके बावजूद 2,20091 रुपए का गलत बिल बनाकर भेजा गया। उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के उपभोक्ता व्यथा निवारण में वाद दायर किया, जिसमें फोरम ने 1 जुलाई 2007 को आदेश पारित किया कि उपभोक्ता का स्थायी विच्छेदन तिथि 9 सितंबर 1998 को माना और उसी आधार पर फाइनल बिल आदेश दिए। जिस पर पावर कारपोरेशन ने पीडी बिल बनाते हुए 7769 रुपए का बिल 14 फरवरी 2009 को जमा कराया। लेकिन इसके बाद पावर कारपोरेशन ने उपभोक्ता के खिलाफ 2.56 लाख रुपए की आरसी जारी कर दी है। उपभोक्ता ने न्याय न मिलने की स्थिति में अनशन करने की बात कही है।