हमीरपुर। जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक महिला का आपरेशन होने के बाद भी गर्भ रुक गया। महिला ने डीएम से शिकायत कर आने वाली संतान का हर्जा-खर्चा मांगा है। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा.एसएल वर्मा का कहना है कि 3 फीसदी मामलों में ऐसा होना संभव होता है। आपरेशन के दौरान अगर कोई नस छूट जाती है तो गर्भ ठहरने की संभावना रहती है।
सुमेरपुर कसबा के चंादथोक बड़ी पुलिया के पास रहने वाले अरविंद वर्मा की पत्नी रामदेवी वर्मा ने प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने 8 नवंबर 2011 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुमेरपुर में नसबंदी का आपरेशन कराया था। करीब 6 माह बाद गर्भवती होने की जानकारी हुई तो उसने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नर्स के पास पहुंचकर जांच कराई। तो उसने तीन माह का गर्भ बताया। महिला ने बताया कि उसके पहले से चार पुत्र है। इसी को लेकर उसने जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम के तहत नसबंदी कराई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि नसबंदी के बाद गर्भ ठहर जाने पर नर्स व प्रभारी चिकित्साधिकारी गर्भपात कराने का दबाव डाल रहे है।