फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम कंट्रोल बना चुनौती, ग्राफ बढ़ा

Tue, 12 Aug 2014 05:30 AM IST
Badaun
विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। अगस्त के पहले दस दिन में क्राइम आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है। पुलिस अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं। इतना हीन पुरानी घटनाओं का खुलासा भी नहीं कर पा रही है। चाहें मीरा सराय इलाके में बंगाली डॉक्टर की और शिव मुक्तिधाम के चौकीदार राजू की हत्या का मामला या फिर प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी करने वाले माफियाओं का मामला। पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन

अगस्त शुरू होने के साथ ही क्राइम का ग्राफ ऐसा बढ़ा कि जिला थर्रा गया। जनमानस को पुलिस के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। 31 जुलाई को हजरतपुर थाने में मिल्क प्लांट के मुनीम प्रवीन पांडेय और सोमेश्वर गौड़ से 1.78 लाख रुपये की लूट हुई। इसके अगले ही दिन दो अगस्त की रात को सिविल लाइंस थाने के मीरा सराय इलाके में बंगाली डॉक्टर शिवरतन विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पांच अगस्त को उघैती में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। दो दिन के बाद शहर कोतवाली क्षेत्र के लालपुर स्थित शिव मुक्तिधाम श्मशान के चौकीदार राजू की हत्या कर दी गई। सात अगस्त को रोडवेज पुलिस चौकी पर मायके जा रहे कुंवरगांव के चकोलर फरीदपुर निवासी महिला की चेन लूट ली गई। अगले ही दिन बदमाशों ने उघैती के गांव चाचीपुरा निवासी बोलेरो चालक किशनवीर की हत्या कर बोलेरो कार लूट ली। आठ अगस्त को ही बिसौली के कुढ़ौली निवासी ब्रजपाल के 11 वर्षीय पुत्र कृष्णा की हत्या कर दी गई। नौ अगस्त को दातागंज के समरेर में सरेआम सर्राफा कारोबारी से आठ लाख की लूट हुई। दस अगस्त को रोडवेज चौकी के पास अलीगढ़ की महिला से पर्स लूट लिया और कोतवाली क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य कर्मी के कुंडल लुटे। इसके अलावा तमाम घटनाएं ऐसी हैं जिनको पुलिस दर्ज ही नहीं करती। हालांकि इनमें उघैती थाने की हत्या और बोलेरो लूटकांड का तो पुलिस ने पर्दाफाश कर आरोपियों को जेल भेज दिया लेकिन बंगाली डॉक्टर और राजू हत्याकांड के आरोपियों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस के सामने पुरानी घटनाओं का खुलासा करने के साथ क्राइम कंट्रोल करना भी चुनौती बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें